HSRPRule – यूपी में बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट वाहनों पर हुई सख्ती
HSRPRule – उत्तर प्रदेश में पुराने वाहनों को लेकर परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। अब जिन वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट नहीं लगी है, उनके लिए नई परेशानी खड़ी हो गई है। बुधवार से ऐसे वाहनों का प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाएगा। इस फैसले से करीब 2.22 करोड़ वाहन मालिक सीधे तौर पर प्रभावित हो सकते हैं, जिन्होंने अब तक अपने वाहनों पर यह नंबर प्लेट नहीं लगवाई है।

पुराने वाहनों पर लागू हुआ नया नियम
यह नियम उन वाहनों पर लागू किया गया है, जो एक अप्रैल 2019 से पहले पंजीकृत हुए थे। दरअसल, इस तारीख के बाद बिकने वाले सभी वाहनों में कंपनी स्तर पर ही हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाई जा रही है, लेकिन उससे पहले के वाहन अभी भी पुराने नंबर प्लेट के साथ चल रहे हैं। अब सरकार ने इन्हें भी अनिवार्य रूप से नई प्लेट लगाने के दायरे में लाने का फैसला किया है।
जुर्माना और नई पाबंदी से बढ़ी मुश्किल
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट न होने पर पहले से ही जुर्माने का प्रावधान है, लेकिन अब प्रदूषण प्रमाण पत्र न मिलने से स्थिति और जटिल हो गई है। बिना वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र के वाहन चलाना भी नियमों के खिलाफ है, ऐसे में वाहन मालिकों को दोहरी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इस कदम का उद्देश्य नियमों का पालन सुनिश्चित करना और वाहनों की पहचान प्रणाली को मजबूत बनाना बताया जा रहा है।
अधिकांश वाहन अब भी बिना प्लेट के
आंकड़ों के मुताबिक राज्य में 31 मार्च 2019 तक पंजीकृत वाहनों की संख्या 3.12 करोड़ से अधिक है। इनमें से अभी तक केवल लगभग 90 लाख वाहनों पर ही हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लग पाई है। यानी करीब 70 प्रतिशत वाहन अब भी इस व्यवस्था से बाहर हैं। यही कारण है कि सरकार ने अब सख्ती बढ़ाने का फैसला लिया है, ताकि शेष वाहन भी जल्द इस प्रक्रिया में शामिल हो सकें।
प्राइवेट वाहन मालिकों की लापरवाही सामने आई
यदि श्रेणी के अनुसार देखा जाए तो निजी वाहन मालिक इस मामले में सबसे पीछे हैं। प्राइवेट वाहनों में बहुत कम प्रतिशत लोगों ने अब तक नई नंबर प्लेट लगवाई है। वहीं, व्यावसायिक वाहनों में यह अनुपात थोड़ा बेहतर है, लेकिन वहां भी पूरी तरह पालन नहीं हो सका है। दोपहिया वाहनों में स्थिति और अधिक चिंताजनक बताई जा रही है, जहां बड़ी संख्या में वाहन अभी भी पुराने नंबर प्लेट के साथ चल रहे हैं।
कई बार दी जा चुकी थी चेतावनी
परिवहन विभाग की ओर से पहले भी कई बार वाहन मालिकों को इस बारे में जागरूक किया गया था और समय-समय पर निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद अपेक्षित स्तर पर अनुपालन नहीं हुआ। अब केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत इस नियम को सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया गया है, जिससे सभी वाहन मालिकों को इसे गंभीरता से लेना पड़ेगा।
जल्द पूरा करना होगा अनिवार्य कार्य
अब वाहन मालिकों के पास यही विकल्प है कि वे जल्द से जल्द अपने वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाएं। ऐसा करने पर ही उन्हें प्रदूषण प्रमाण पत्र मिल सकेगा और वे बिना किसी बाधा के अपने वाहन का उपयोग कर पाएंगे। परिवहन विभाग का मानना है कि इस कदम से सड़क सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकेगा।



