Lucknow BOB: लखनऊ में अग्नि ने किया तांडव, बैंक ऑफ बड़ौदा में धधकती लपटों ने सरकारी रिकॉर्ड्स को किया भस्म, धुआँ-धुआँ हुए 12 लाख
Lucknow BOB: लखनऊ के पारा इलाके में स्थित शकुंतला विश्वविद्यालय परिसर की बैंक ऑफ बड़ौदा (बैंक ऑफ बड़ौदा) शाखा में मंगलवार की रात एक भयानक आग लगने की घटना सामने आई है। इस दुर्घटना के कारण बैंक के अंदर रखे महत्वपूर्ण आधिकारिक दस्तावेज और महत्वपूर्ण डेटा जलकर पूरी तरह से राख हो गए, जिससे बैंक को लापता $12 लाख (लगभग 12 लाख रुपये) का भारी वित्तीय नुकसान हुआ है। यह घटना रात के समय हुई, जिसके चलते कैश रिजर्व तो सुरक्षित बच गए, लेकिन रिकॉर्ड-कीपिंग और क्लाइंट डेटा मैनेजमेंट पर इसका गंभीर असर पड़ना तय है। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह से इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है। इस पूरी घटना ने बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सिक्योरिटी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर ऐसे महत्वपूर्ण संस्थाओं में जहां पब्लिक रिकॉर्ड और संवेदनशील जानकारी सुरक्षित रखी जाती हैं।

शकुंतला परिसर में दमकल की मशक्कत और आग का जलने रूप
यह तात्कालिक घटना BOB में मंगलवार रात लगभग 9:30 बजे शुरू हुई, जब विश्वविद्यालय परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने बैंक की इमारत से तेज लपटें और भारी धुआं निकलता देखा। उनकी तुरंत प्रतिक्रिया और शोर मचाने पर आस-पास के लोग भी अग्निशमन पर जमा हो गए। लोगों ने तुरंत आपातकालीन सेवाओं (fire department) को सूचित किया और खुद भी आग बुझाने के शुरुआती प्रयास शुरू कर दिए। हालांकि, आधिकारिक रिकॉर्ड, कंप्यूटर सिस्टम, और अन्य प्लास्टिक संपत्तियों के जलने के कारण आग तेजी से फैलती गई और उसने एक जलने रूप ले लिया। स्थिति की जिम्मेदार को देखते हुए, एफएसओ (Fire Station Officer) आलमबाग, धर्मपाल सिंह, तीन फायर टेंडर वाहनों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत आग बुझाने का अभियान शुरू किया, लेकिन बैंक का बंद होना उनके लिए एक बड़ी परिचालन चुनौती बन गया। दमकल कर्मियों को आग बुझाने के लिए बैंक के एंट्री पॉइंट तक पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ी, जिससे प्रतिक्रिया समय पर असर पड़ा।
अग्निशमन तोड़कर आग पर पाया नियंत्रण: दमकल कर्मियों का साहसिक कार्य
आग पर नियंत्रण पाने के लिए दमकल कर्मियों को एक अत्यंत साहसी और अपरंपरागत तरीका अपनाना पड़ा। उन्हें हथौड़ों की मदद से BOB की गलियों के कांच के पैनल तोड़ पड़े ताकि वे अंदर तक पानी और आग बुझाने वाले एजेंट पहुंचा सकें। सबसे पहले, बिजली सप्लाई कटवाया गया ताकि आग को और फैलने से रोका जा सके और फायरफाइटर्स की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। कुछ ही देर में बैंक मैनेजर हिमांशु और अन्य कर्मचारी भी धुएं पर पहुंच गए, जिससे बैंक के काउंटर उतर जा सके।
हालांकि, Lucknow के BOB के अंदर से निकल रहे जहरीले और घने धुएं के कारण दमकल कर्मियों को सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ा और उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। इस चुनौतीपूर्ण परिदृश्य को देखते हुए, टीम को दो समूहों में बांटा गया। दमकल कर्मियों ने ब्रीदिंग अपैरेटस (BA) सेट लगाकर फायरफाइटिंग ऑपरेशन जारी रखा। लगभग दो घंटे की अथक अथक कोशिश के बाद, आग को पूरी तरह से बुझाया जा सका। FSO ने बताया कि यह एक गंभीर सुरक्षा चूक थी, लेकिन समय पर हस्तक्षेप से आग को बैंक परिसर से बाहर फैलने से रोका गया, जिससे एक बड़ा कैंपस त्रासदी तल गया। आगे की जांच के लिए टीम बुधवार को साइट इंस्पेक्शन करेगी ताकि रूट कॉज एनालिसिस की जा सके।
स्ट्रॉन्ग रूम और कैश रिज़र्व की सुरक्षा: $6 लाख की नकदी जमा
Lucknow के BOB मैनेजर हिमांशु ने इस हादसे में लगभग $12 लाख के नुकसान की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि आग लगने का कारण शुरुआती आकलन में शॉर्ट सर्किट पता चलता है। इस हादसे में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि बैंक के स्ट्रॉन्ग रूम में रखी लगभग $6 लाख की नकदी पूरी तरह से सुरक्षित बच गई। स्ट्रक्चरल इंटेग्रिटी और आग प्रतिरोधी कंस्ट्रक्शन के चलते स्ट्रॉन्ग रूम आग की चपेट में आने से बच गया।
हालांकि, सरकारी डॉक्यूमेंटेशन और फिजिकल रिकॉर्ड को अपूरणीय क्षति हुई है, जो जलकर राख हो गए हैं। मैनेजर ने कहा कि घटना की जांच के लिए एक समर्पित टीम बनाई जाएगी ताकि आग के वास्तविक कारण का पता लगाया जा सके और भविष्य की रोकथाम रणनीतियों पर काम किया जा सके। इस बीच, शकुंतला उपकेंद्र के जेई (Junior Engineer) अरशद अहमद ने पुष्टि की कि बैंक में आग लगने की सूचना मिलते ही बिजली कनेक्शन तुरंत काट दिया गया था, जिससे आग को सेकेंडरी सर्किट में फैलने से रोका गया।
बैंकिंग सेवाएं जरूरतमंद प्रभावित: खाताधारकों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
BOB मैनेजर हिमांशु ने खाताधारकों (खाताधारकों) के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी करते हुए बताया कि इस विनाशकारी आग की घटना के कारण बैंक शाखा में अगले तीन दिनों तक बैंकिंग संचालन और ग्राहक सेवाएं प्रभावित रहीं। लेन-देन प्रसंस्करण, खाता पूछताछ, और अन्य सभी आवश्यक बैंकिंग जरूरतों को पूरा करने के लिए खाताधारकों को आसपास की बैंक ऑफ बड़ौदा की पोखर (Nearby branches) में जाने की सलाह दी गई है। यह अस्थायी व्यवधान डेटा रिकवरी और बहाली का काम पूरा होने तक जारी रहेगा। इस घटना ने डिजिटल बैकअप सिस्टम और बिजनेस निरंतरता योजना (BCP) की महत्ता को एक बार फिर से उजागर किया है। बैंक हितधारकों को जल्द से जल्द सामान्य संचालन बहाल करने के लिए फास्ट-ट्रैक रिकवरी पर काम कर रहे हैं।



