LucknowMurderCase – नीट को लेकर विवाद में बेटे पर पिता की हत्या का आरोप
LucknowMurderCase – लखनऊ के हजरतगंज इलाके से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक पर अपने ही पिता की हत्या का आरोप लगा है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, पिता-पुत्र के बीच करियर को लेकर लंबे समय से तनाव चल रहा था। पिता चाहते थे कि बेटा मेडिकल की पढ़ाई कर पैथोलॉजी का कारोबार संभाले, जबकि बेटा खुद को बड़े कारोबारी के रूप में स्थापित करना चाहता था। इसी मतभेद ने कथित तौर पर गंभीर रूप ले लिया।

डॉक्टर बनाने की चाह, बेटे की अलग राह
मृतक मानवेन्द्र सिंह पैथोलॉजी संचालक थे और अपने बेटे अक्षय प्रताप सिंह उर्फ राजा को डॉक्टर बनाना चाहते थे। परिवार और पड़ोसियों के अनुसार, उन्होंने बेटे की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहयोग भी किया था। वर्ष 2022 में इंटरमीडिएट करने के बाद अक्षय से नीट की तैयारी करने को कहा गया। इसके लिए उसके खाते में लाखों रुपये डाले गए, ताकि वह कोचिंग लेकर परीक्षा की तैयारी कर सके।
हालांकि, पड़ोसियों का कहना है कि अक्षय का रुझान मेडिकल की पढ़ाई में नहीं था। वह बड़े स्तर पर कारोबार करना चाहता था। इसी मुद्दे पर दोनों के बीच कई बार बहस भी हुई।
घर छोड़कर जाने की घटना
परिचितों के मुताबिक, कुछ समय पहले अक्षय घर छोड़कर चला गया था। बताया जाता है कि उसने पिता को घर में बंद कर दिया और खुद कहीं निकल गया। एक मित्र के माध्यम से उसने संदेश भिजवाया कि वह घर छोड़ रहा है और मेज पर एक पत्र रखा है।
पिता ने जब वह पत्र पढ़ा तो उसमें लिखा था कि केवल पैथोलॉजी चलाने से बड़ा आदमी नहीं बना जा सकता। उसने यह भी लिखा था कि वह तब तक घर नहीं लौटेगा, जब तक अपने लक्ष्य को हासिल न कर ले। यह घटना परिवार के भीतर बढ़ते तनाव का संकेत मानी जा रही थी।
कानपुर रेलवे स्टेशन से वापस लाया गया
पड़ोसियों के अनुसार, बाद में परिवार को जानकारी मिली कि अक्षय कानपुर में है। एक परिचित के जरिए उसे फोन कर बुलाया गया। योजना के तहत उसके दोस्त ने लैपटॉप लेने का बहाना बनाया और रेलवे स्टेशन पर मुलाकात तय की गई।
बताया जाता है कि पिता और अन्य लोग भी वहां पहुंच गए। मौके पर युवक को समझा-बुझाकर घर लौटने के लिए तैयार किया गया। उस समय मामला शांत हो गया था, लेकिन परिवार के भीतर मतभेद पूरी तरह खत्म नहीं हुए थे।
हत्या के बाद परिवार में शोक
हाल की घटना में अक्षय पर अपने पिता की हत्या करने का आरोप है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। अभी तक आधिकारिक तौर पर विस्तृत घटनाक्रम साझा नहीं किया गया है।
मृतक के पिता सुरेंद्र पाल सिंह राजावत ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि परिवार पर दोहरी चोट पड़ी है—एक बेटे की मौत और दूसरे की जिंदगी कानूनी उलझनों में फंस गई। परिवार के करीबी लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं।
जांच जारी, पुलिस जुटा रही साक्ष्य
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पारिवारिक विवाद की पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है। घटना के कारणों और परिस्थितियों को स्पष्ट करने के लिए फॉरेंसिक और अन्य तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं।
यह मामला पारिवारिक संवाद और अपेक्षाओं के बीच संतुलन की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता तथ्यों की पुष्टि और निष्पक्ष जांच है, ताकि घटना की वास्तविक वजह सामने आ सके।



