LucknowRegistry – 15 मार्च से एलडीए में शुरू होगी ई-रजिस्ट्री, एक ही स्थान पर संपन्न की जा सकेगी पूरी प्रक्रिया
LucknowRegistry – लखनऊ विकास प्राधिकरण में 15 मार्च से संपत्तियों की रजिस्ट्री पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी। इसके साथ ही एलडीए प्रदेश का पहला ऐसा प्राधिकरण बन जाएगा जहां संपत्ति पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद आवंटियों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और पूरी प्रक्रिया एक ही स्थान पर संपन्न की जा सकेगी।

पायलट परियोजना के रूप में चयन
निबंधन विभाग ने इस पहल के लिए एलडीए को मॉडल प्रोजेक्ट के रूप में चुना है। महानिरीक्षक निबंधन ने हाल ही में आदेश जारी कर प्राधिकरण को ई-रजिस्ट्री लागू करने के निर्देश दिए थे। विभाग की ओर से विशेष सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है, जिसे एलडीए में लागू किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, यह प्रणाली चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी ताकि तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं सुचारु रूप से चल सकें।
पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन
नई व्यवस्था के तहत ई-स्टांप की खरीद, शुल्क का भुगतान, दस्तावेजों का अपलोड और उनका सत्यापन सभी कार्य एलडीए परिसर में ही ऑनलाइन किए जाएंगे। अधिकारियों के डिजिटल हस्ताक्षर के साथ दस्तावेज सीधे निबंधन कार्यालय को भेजे जाएंगे। वहां से सब-रजिस्ट्रार का डिजिटल अनुमोदन भी तत्काल मिल सकेगा।
संपत्ति स्वामी की पहचान सुनिश्चित करने के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे दस्तावेजों की प्रामाणिकता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकेगी।
समय और खर्च दोनों में कमी
वर्तमान में रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी करने में कई दिन लग जाते हैं। पहले प्राधिकरण और फिर निबंधन कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। कई मामलों में एजेंट और वकीलों पर निर्भरता भी बनी रहती है।
नई प्रणाली लागू होने के बाद आवंटियों को एक ही स्थान पर सभी औपचारिकताएं पूरी करने का अवसर मिलेगा। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि अतिरिक्त खर्च और अनियमितताओं पर भी रोक लगने की उम्मीद है।
देवपुर पारा योजना से शुरुआत
ई-रजिस्ट्री की शुरुआत देवपुर पारा योजना से की जाएगी। इस योजना से जुड़े सभी फ्लैटों का डेटा निबंधन कार्यालय को उपलब्ध करा दिया गया है। आवश्यक प्रारूप भी साझा कर दिए गए हैं और उन्हें ऑनलाइन सिस्टम में जोड़ा जा रहा है।
एलडीए के अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और 15 मार्च से नई व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू कर दी जाएगी।
अधिकारियों का कहना
एलडीए के उपाध्यक्ष ने बताया कि यह पहल आवंटियों के लिए बड़ी राहत साबित होगी। पूरी प्रक्रिया एक ही परिसर में पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी। उनका कहना है कि डिजिटल व्यवस्था से संपत्ति खरीद-बिक्री की प्रक्रिया सरल होगी और शिकायतों में कमी आएगी।
प्राधिकरण का मानना है कि यह कदम भविष्य में अन्य विकास प्राधिकरणों के लिए भी उदाहरण बन सकता है। यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो इसे प्रदेश के अन्य शहरों में भी लागू किया जा सकता है।



