UP Weather Forecast: क्या यूपी में आने वाली है ‘काँप’ पैदा करने वाली भयंकर ठंड, जारी हुआ अलर्ट…
UP Weather Forecast: उत्तर प्रदेश के मौसम पर पिछले कुछ समय से पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का प्रभाव देखने को मिल रहा था, लेकिन अब यह बदलाव के दौर से गुजर रहा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, यह विक्षोभ सोमवार को कमजोर पड़ जाएगा। इस मौसमी बदलाव का सीधा असर हवा की दिशा पर पड़ेगा, और हवाएँ एक बार फिर से ‘पछुआ’ यानी उत्तर-पश्चिम से चलने लगेंगी। इस परिवर्तन के कारण, अगले 48 घंटों में दिन और रात के तापमान (Temperature) में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने का अनुमान है।

नमी के जाल से राहत: न्यूनतम तापमान की वापसी
यूपी में पिछले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया था, जो सर्दी की दस्तक का साफ संकेत था। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के चलते हवा में नमी की मात्रा बढ़ गई थी, जिसके कारण पिछले दो दिनों से न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री सेल्सियस के आस-पास स्थिर बना हुआ था। रविवार को भी इसी स्तर पर रहा। मौसम मुख्यालय अमौसी के अनुसार, नमी की अधिकता के कारण ही अधिकतम और न्यूनतम तापमान में आ रही गिरावट थम (Stagnant) सी गई थी, और वे सामान्य स्तर से थोड़े ऊपर बने रहे।
दिन में हल्की धुंध का असर: अधिकतम पारा भी सामान्य
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से सिर्फ रात का नहीं, बल्कि दिन के तापमान पर भी असर पड़ा। दिन में छाए हल्की धुंध के कारण अधिकतम तापमान बहुत ऊपर नहीं जा सका और 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अब हवा का रुख बदलने से इसमें भी गिरावट आएगी। तापमान में यह कमी इस बात का संकेत है कि यूपी में अब असली ठंड (Cold) जल्द ही दस्तक दे सकती है।
बर्फीले पहाड़ों से आने वाली ‘उत्तर पश्चिमी’ हवाएं
आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज उत्तर पश्चिमी (North-Western) हवाओं के नियंत्रण में होगा। ये हवाएँ पहाड़ों, विशेषकर बर्फीले इलाकों से होकर आती हैं, और अपने साथ कंपकंपी वाली ठंडक लेकर आती हैं। मंगलवार तक इन बर्फीली हवाओं की रफ्तार में और भी इजाफा होने का अनुमान है, जिसके साथ ही तापमान में गिरावट का नया सिलसिला शुरू हो जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट तीन डिग्री सेल्सियस से अधिक होने की संभावना कम है, क्योंकि तापमान पहले से ही काफी नीचे दर्ज हो चुका है।
कड़ाके की सर्दी में देरी के दो बड़े कारण
मौसम के जानकारों ने इस सीजन में ‘कड़ाके की सर्दी’ यानी भीषण ठंड में हो रही देरी के पीछे दो मुख्य कारणों का उल्लेख किया है। पहला कारण तो पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) ही है, जिसने लगातार हवा में नमी बनाए रखी और बर्फ की ठंडी हवाओं को मैदानी इलाकों तक पहुँचने से रोका। दूसरा एक बड़ा कारण प्रदूषण भी है। वायुमंडल में प्रदूषण की मोटी परत भी कई बार तापमान को तेजी से गिरने से रोकती है, जिससे ठंड का असर देर से महसूस होता है।
सामान्य से अधिक चल रहा मौजूदा तापमान
आमतौर पर मध्य दिसंबर (Mid-December) तक उत्तर प्रदेश में जैसी भीषण ठंड शुरू हो जाती है, वैसा माहौल इस बार अभी तक नहीं बना है। वर्तमान में जो तापमान रिकॉर्ड किया जा रहा है, वह सामान्य तौर पर मध्य दिसंबर में रहने वाले तापमान से करीब दो से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक चल रहा है। शहर में कई पुराने सीजन ऐसे रहे हैं जब इसी समय से कड़ाके की सर्दी का दौर शुरू हो जाता था, लेकिन इस साल इसमें थोड़ी देरी हुई है।
कोहरे का महा-अलर्ट: हाइवे पर ड्राइविंग खतरनाक
मौसम विभाग ने आने वाले कुछ दिनों के लिए घने कोहरे (Dense Fog) का अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से सोमवार की सुबह और देर रात यह कोहरा बहुत घना रहने की आशंका है। यह स्थिति हाइवे सहित अंदरूनी और ग्रामीण सड़कों पर तड़के और देर रात की यात्रा को खतरनाक बना सकती है। विजिबिलिटी शून्य होने की स्थिति में दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए अतिरिक्त सावधानी बरतना अनिवार्य है।
सुरक्षित ड्राइविंग के लिए महत्वपूर्ण उपाय
घने कोहरे के दौरान सुरक्षित ड्राइविंग सुनिश्चित करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण उपायों को अपनाना जरूरी है। वाहन चालकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी गाड़ियों में पीली लाइट (फॉग लैंप) जरूर लगवाएँ। इसके अलावा, कोहरे की स्थिति में धीमी गति से गाड़ी चलाएँ और सड़कों पर लगे रिफ्लेक्टर्स (Reflectors) का प्रयोग करें। सबसे महत्वपूर्ण सलाह यह है कि अगर कोहरा बहुत घना हो, तो उस समय ड्राइविंग करने से बचें और सुरक्षित स्थान पर रुककर कोहरे के छँटने का इंतजार करें। सुरक्षा को हमेशा पहली प्राथमिकता देनी चाहिए।



