MusicFestival – प्राग में गूंजेगी भारतीय शास्त्रीय संगीत की सुरधारा
MusicFestival – भारतीय सांस्कृतिक विरासत और शास्त्रीय संगीत की वैश्विक पहचान को मजबूत करने की दिशा में एक विशेष आयोजन का कार्यक्रम तय किया गया है। 2 जुलाई को चेक गणराज्य की राजधानी प्राग में भारतीय संगीत और संस्कृति को समर्पित एक भव्य समारोह आयोजित होगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से भारत की समृद्ध कलात्मक परंपराओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।

भारतीय दूतावास में होगा विशेष आयोजन
प्राग स्थित भारतीय दूतावास में आयोजित होने वाले इस सांस्कृतिक कार्यक्रम को ‘वंदे मातरम् @150’ नाम दिया गया है। आयोजन का उद्देश्य भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों, संगीत परंपरा और राष्ट्रभावना से जुड़े ऐतिहासिक महत्व को दुनिया के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना है। कार्यक्रम में भारतीय शास्त्रीय संगीत की विविध विधाओं का प्रदर्शन किया जाएगा, जिससे विदेशी श्रोताओं को भारतीय कला की गहराई और समृद्धि को समझने का अवसर मिलेगा।
काशी के कलाकार करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व
इस विशेष समारोह में वाराणसी के प्रतिष्ठित सरोद वादक पंडित विकास महाराज अपनी प्रस्तुति देंगे। शास्त्रीय संगीत जगत में अपनी अलग पहचान रखने वाले पंडित विकास महाराज लंबे समय से भारतीय संगीत परंपरा को देश और विदेश में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सक्रिय रहे हैं।
उनकी प्रस्तुति कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण मानी जा रही है। संगीत प्रेमियों को सरोद की मधुर ध्वनियों के माध्यम से भारतीय रागों की गहराई और सौंदर्य का अनुभव कराने की तैयारी की गई है।
सितार और तबले की संगत से सजेगी प्रस्तुति
पंडित विकास महाराज के साथ मंच पर अभिषेक महाराज सितार वादन करेंगे, जबकि प्रभाष महाराज तबले पर संगत देंगे। तीनों कलाकारों की संयुक्त प्रस्तुति भारतीय शास्त्रीय संगीत की पारंपरिक गुरु-शिष्य परंपरा और बनारस घराने की समृद्ध विरासत को भी दर्शाएगी।
संगीत विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम भारतीय कला और संस्कृति के प्रति वैश्विक रुचि को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही, इससे विभिन्न देशों के बीच सांस्कृतिक संवाद को भी नई दिशा मिलती है।
सांस्कृतिक कूटनीति को मिलेगा बल
हाल के वर्षों में भारत ने सांस्कृतिक कूटनीति के माध्यम से दुनिया के विभिन्न देशों में अपनी कला, साहित्य, योग और संगीत को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत किया है। प्राग में होने वाला यह आयोजन भी उसी प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है।
‘वंदे मातरम् @150’ कार्यक्रम के जरिए भारतीय शास्त्रीय संगीत की अनूठी परंपरा को यूरोपीय दर्शकों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। आयोजकों को उम्मीद है कि यह समारोह भारत और चेक गणराज्य के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करेगा तथा भारतीय संगीत की वैश्विक पहचान को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।