Panchayat Election – परिसीमन के बाद ही पंचायत चुनाव की अगली प्रक्रिया होगी शुरू
Panchayat Election – पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा है कि राज्य में पंचायतों की सीमा 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर तय की जाएगी। पंचायतों के परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही चुनाव से जुड़ी अगली तैयारियां शुरू होंगी। ऐसे में फिलहाल पंचायत चुनाव की निश्चित तारीख या समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

परिसीमन के बाद आगे बढ़ेगी चुनावी तैयारी
मंत्री के मुताबिक पंचायतों की सीमाओं का निर्धारण चुनाव प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। परिसीमन पूरा होने के बाद आरक्षण से संबंधित सूची तैयार की जाएगी और उसके बाद चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। पंचायत चुनाव से जुड़ी इन सभी प्रक्रियाओं की निगरानी राज्य निर्वाचन आयोग करता है।
उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से आयोग को आवश्यक सहयोग और प्रशासनिक मदद उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार की प्राथमिकता परिसीमन और आरक्षण से जुड़ा काम निर्धारित प्रक्रिया के तहत पूरा करना है, ताकि इसके बाद चुनाव की तैयारियों को आगे बढ़ाया जा सके।
पंचायत स्तर पर सरकारी सेवाओं का विस्तार
दीपक प्रकाश ने कहा कि सरकार का जोर पंचायतों को मजबूत बनाने के साथ ग्रामीण इलाकों में सरकारी सेवाओं की पहुंच आसान करने पर भी है। कोशिश है कि गांव के लोगों को जरूरी सरकारी योजनाओं और सेवाओं के लिए दूर स्थित कार्यालयों का सहारा कम लेना पड़े।
इसी उद्देश्य से पंचायत स्तर पर प्रशासनिक सुविधाओं को एक जगह उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। सरकार चाहती है कि ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही कई जरूरी सेवाओं का लाभ मिल सके।
पंचायत सरकार भवनों के निर्माण पर जोर
सभी ग्राम पंचायतों में पंचायत सरकार भवन तैयार करने की योजना के तहत निर्माण कार्य जारी है। इन भवनों को पंचायत स्तर पर सरकारी सेवाओं के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है।
मंत्री ने बताया कि मधेपुरा जिले में कुल 160 ग्राम पंचायतें हैं। सभी पंचायतों के लिए पंचायत सरकार भवन बनाने की जगह को मंजूरी दी जा चुकी है। इनमें 96 भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 53 भवनों पर फिलहाल काम चल रहा है। शेष भवनों से संबंधित निर्माण प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।
मधेपुरा जिले की सभी 160 पंचायतों में आरटीपीएस की सुविधा भी संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य ग्रामीणों को आवश्यक प्रमाणपत्र और अन्य लोक सेवाओं से जुड़े काम स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है।
75 स्थानों पर मोक्षधाम विकसित करने की योजना
ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम संस्कार से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए मोक्षधाम विकसित करने की योजना भी सामने रखी गई है। इसके तहत चयनित स्थानों पर अंतिम संस्कार के लिए चबूतरा, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है।
मधेपुरा जिले में इस योजना के लिए 75 स्थानों की पहचान की गई है। इन जगहों पर स्थानीय जरूरतों के अनुसार सुविधाएं विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा।
सहयोग शिविर में 221 आवेदन प्राप्त
मंत्री ने सहयोग शिविर से जुड़े आवेदनों की भी जानकारी दी। उनके अनुसार मधेपुरा जिले में पंचायती राज विभाग से संबंधित कुल 221 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 209 मामलों का निपटारा किया जा चुका है।
फिलहाल 12 आवेदन लंबित हैं। विभाग की ओर से इन मामलों के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। मंत्री ने कहा कि लंबित आवेदनों को भी जल्द निपटाने का प्रयास किया जा रहा है।
इस तरह पंचायत चुनाव की प्रक्रिया जहां परिसीमन और आरक्षण जैसे चरणों के पूरा होने पर निर्भर है, वहीं सरकार पंचायत स्तर पर प्रशासनिक ढांचे और ग्रामीण सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में भी काम कर रही है।