PrayagrajCrime – प्रेम संबंध के विवाद में किशोरी की हत्या, कंकाल बरामद…
PrayagrajCrime – प्रयागराज के मऊआइमा क्षेत्र में एक किशोरी की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने शारदा सहायक नहर के पास झाड़ियों से एक नाबालिग लड़की का कंकाल बरामद किया है। यह बरामदगी आरोपी नाबालिग लड़के की निशानदेही पर की गई। पुलिस के अनुसार, लड़की की हत्या करीब 17 दिन पहले की गई थी और शव को झाड़ियों में छिपा दिया गया था। परिजनों ने कपड़ों के आधार पर मृतका की पहचान की है।

20 अप्रैल से लापता थी किशोरी
जानकारी के अनुसार, सरायइनायत इलाके की रहने वाली 17 वर्षीय छात्रा 20 अप्रैल को अचानक घर से लापता हो गई थी। परिवार वालों ने अगले दिन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। परिजनों ने आरोप लगाया था कि बहरिया क्षेत्र का एक नाबालिग लड़का उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। शिकायत में यह भी कहा गया था कि घर से नकदी और जेवर भी गायब थे।
पूछताछ में सामने आई पूरी घटना
पुलिस ने बुधवार रात संदिग्ध नाबालिग लड़के को हिरासत में लेकर पूछताछ की। अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में वह लगातार गुमराह करता रहा, लेकिन बाद में उसने पूरी घटना स्वीकार कर ली। आरोपी ने बताया कि लड़की उस पर शादी का दबाव बना रही थी, जिससे परेशान होकर उसने हत्या की योजना बनाई।
नहर किनारे ले जाकर की हत्या
पुलिस के अनुसार, आरोपी 20 अप्रैल की रात लड़की को अपने साथ शारदा सहायक नहर के पास ले गया। वहां उसने कथित रूप से दुपट्टे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। पूछताछ में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद आरोपी ने चाकू से कई वार किए और शव को गड्ढे में फेंककर ऊपर झाड़ियां डाल दीं, ताकि किसी को इसकी जानकारी न हो सके।
घटनास्थल से मिला कंकाल
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। करीब 17 दिन बीत जाने के कारण शव पूरी तरह सड़ चुका था और केवल कंकाल के अवशेष ही बरामद हो सके। पुलिस का कहना है कि आसपास के जानवरों ने शव को नुकसान पहुंचाया था, जिसके चलते कई अंग मौके पर नहीं मिले। बरामद अवशेषों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
परिजनों ने पुलिस पर लगाए सवाल
मृतका के परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि 21 अप्रैल को शिकायत देने के बावजूद मामले में तुरंत गंभीरता नहीं दिखाई गई। परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो शायद लड़की को बचाया जा सकता था। परिवार का आरोप है कि उन्हें कई दिनों तक थाने के चक्कर लगाने पड़े।
पुलिस ने दी सफाई
एसीपी अरुण पराशर ने कहा कि आरोपी से पहले भी कई बार पूछताछ की गई थी, लेकिन वह लगातार गलत जानकारी देता रहा। पुलिस के मुताबिक, बुधवार को परिवार के दबाव और लगातार पूछताछ के बाद उसने सच्चाई स्वीकार की। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
आरोपी को लिया गया अभिरक्षा में
डीसीपी गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि नाबालिग आरोपी को अभिरक्षा में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस मामले में फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। घटना के बाद इलाके में तनाव और शोक का माहौल बना हुआ है।