RailwayExpansion – गाजियाबाद से मुरादाबाद तक नई लाइनों की तैयारी तेज
RailwayExpansion – रेलवे नेटवर्क पर बढ़ते दबाव और ट्रेनों की देरी को कम करने के लिए रेलवे बोर्ड ने एक अहम कदम उठाया है। गाजियाबाद से मुरादाबाद के बीच थर्ड और फोर्थ लाइन बिछाने की दिशा में काम आगे बढ़ा दिया गया है। करीब 141 किलोमीटर लंबे इस रूट के लिए फाइनल सर्वे कराने को मंजूरी मिल चुकी है, जिस पर 2.82 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना को दिल्ली-लखनऊ रेल मार्ग के लिए एक महत्वपूर्ण सुधार के रूप में देखा जा रहा है, जहां रोजाना भारी संख्या में यात्री और मालगाड़ियां संचालित होती हैं।

गाजियाबाद-मुरादाबाद सेक्शन पर बढ़ते ट्रैफिक का समाधान
इस समय गाजियाबाद से मुरादाबाद तक का रूट डबल लाइन पर निर्भर है, जिसके कारण ट्रेनों को अक्सर क्रॉसिंग के लिए स्टेशनों पर रुकना पड़ता है। इससे यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ता है और मालगाड़ियों की आवाजाही भी प्रभावित होती है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि तीसरी और चौथी लाइन बनने के बाद ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा। इससे ट्रेनों की गति बढ़ेगी और समय की बचत भी होगी, खासकर दिल्ली से लखनऊ जाने वाले यात्रियों के लिए सफर अधिक सुगम हो सकेगा।
फाइनल लोकेशन सर्वे के लिए बजट स्वीकृत
रेलवे बोर्ड ने इस परियोजना के तहत फाइनल लोकेशन सर्वे के लिए 2.82 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। यह सर्वे तय करेगा कि नई लाइनें किस मार्ग से होकर गुजरेंगी और किन तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, सर्वे पूरा होने के बाद निर्माण कार्य की दिशा स्पष्ट हो जाएगी। यह भी माना जा रहा है कि परियोजना पूरी होने के बाद इस रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
रोजा-सीतापुर सेक्शन पर भी योजना सक्रिय
गाजियाबाद-मुरादाबाद के अलावा रोजा से सीतापुर के बीच भी थर्ड और फोर्थ लाइन की योजना पर काम शुरू किया गया है। रेलवे की ‘पिंक बुक’ में इस सेक्शन के सर्वे के लिए 1.60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस कदम से इस मार्ग पर भी ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने और अनावश्यक ठहराव को कम करने में मदद मिलेगी। खासतौर पर लंबी दूरी की ट्रेनों को इससे फायदा होगा, जो बीच रास्ते में रुकने से बच सकेंगी।
धामपुर-काशीपुर के बीच नई लाइन का प्रस्ताव
रेलवे ने धामपुर से काशीपुर के बीच एक नई रेल लाइन बिछाने का प्रस्ताव भी तैयार किया है। इस परियोजना के सर्वे के लिए 1.45 करोड़ रुपये की राशि तय की गई है। यह नई लाइन न केवल स्थानीय यात्रियों के लिए सुविधाजनक साबित होगी, बल्कि पर्यटन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच बेहतर कनेक्टिविटी से क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।
अधिकारियों का बयान और आगे की प्रक्रिया
मुरादाबाद मंडल के सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता ने बताया कि इस परियोजना की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी और अब इसे अमलीजामा पहनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न परियोजनाओं के लिए बजट जारी हो चुका है और जल्द ही बैठक कर सर्वे कार्य शुरू कराया जाएगा। रेलवे का उद्देश्य है कि आने वाले समय में यात्रियों को बेहतर और तेज सेवा उपलब्ध कराई जा सके।



