Sambhal Electricity Theft Raid News: संभल में ड्रोन से पकड़ी गई बिजली चोरी, मिनी पावर हाउस सील
Sambhal Electricity Theft Raid News: उत्तर प्रदेश के संभल में सोमवार की सुबह आम दिनों जैसी नहीं थी। जब शहर गहरी नींद में सोया था, ठीक उसी वक्त जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई के नेतृत्व में प्रशासन ने बिजली चोरी के खिलाफ अब तक के सबसे बड़े (Surprise Government Raid) को अंजाम दिया। सुबह 5 बजे एक साथ 12 संयुक्त टीमों ने संभल, चंदौसी और गुन्नौर के इलाकों में दस्तक दी, जिससे दीपा सराय से लेकर सरायतरीन तक हड़कंप मच गया।

तीन किलोमीटर पैदल गश्त और आसमान से ड्रोन की नजर
डीएम और एसपी ने खुद मोर्चा संभालते हुए रायसक्ती और नखासा जैसे संवेदनशील इलाकों में करीब तीन किलोमीटर तक पैदल पैदल मार्च किया। इस अभियान की सबसे बड़ी खासियत (Drone Surveillance Technology) का इस्तेमाल रहा। छतों, मस्जिदों और मदरसों के छिपे हुए कोनों की निगरानी आसमान से की गई, ताकि कोई भी अवैध कटिया नजरों से बच न सके। अधिकारियों ने खुद सीढ़ियों से चढ़कर 50 से अधिक घरों की छतों पर जाकर कनेक्शनों की सघन जांच की।
सांसद आवास के पास ई-रिक्शा और मस्जिदों में मिली गड़बड़ी
छापेमारी के दौरान जांच दल को कई चौंकाने वाली हकीकतें देखने को मिलीं। सांसद जियाउर्रहमान बर्क के आवास से महज 400 मीटर की दूरी पर एक हॉल में कई ई-रिक्शा अवैध रूप से (Illegal Power Charging) मोड पर पाए गए। इतना ही नहीं, मुस्तफा मस्जिद सहित कई धार्मिक स्थलों और मदरसों में भी बिजली की चोरी पकड़ी गई। कई आलीशान बहुमंजिला इमारतों में बिना मीटर के ही बेधड़क बिजली का उपयोग किया जा रहा था, जिन्हें मौके पर ही डिस्कनेक्ट कर दिया गया।
अंडरग्राउंड केबल बिछाकर चल रहा था ‘मिनी पावर हाउस’
जांच के दौरान एक चार मंजिला मकान के अंदर जो मिला, उसने अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए। वहां एक अवैध ‘मिनी पावर हाउस’ संचालित हो रहा था। आरोपी ने (Underground Wiring System) के जरिए एक ही सोर्स से करीब 50 से 60 घरों को बिजली सप्लाई बांट रखी थी। यह पूरा नेटवर्क इतने शातिर तरीके से जमीन के अंदर दबाया गया था कि सामान्य जांच में इसे पकड़ना नामुमकिन था। विभाग ने इस पूरे अवैध ग्रिड को ध्वस्त कर दिया है।
101 ठिकानों पर एफआईआर और भारी मात्रा में इमर्शन रॉड जब्त
इस महा-अभियान के दौरान कुल 500 से अधिक परिसरों को खंगाला गया, जिनमें से 101 स्थानों पर बिजली चोरी के पुख्ता प्रमाण मिले। इन सभी पर (Electricity Act Section 135) के तहत गंभीर मुकदमे दर्ज किए गए हैं। छापेमारी में घरों से बड़ी संख्या में इमर्शन रॉड और अवैध हीटर जब्त किए गए हैं। आंकड़ों की बात करें तो संभल में 52, चंदौसी में 29 और गुन्नौर में 20 मामले सामने आए हैं, जिन पर अब कानूनी शिकंजा कसना तय है।
प्रशासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति और अधिकारियों की मुस्तैदी
यह कार्रवाई यूपी सरकार की बिजली चोरी के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का हिस्सा मानी जा रही है। एडीएम प्रदीप वर्मा और अधीक्षण अभियंता हिमांशु वार्ष्णेय समेत जिले के (Administrative Executive Power) के तमाम बड़े अधिकारी इस दौरान मौके पर मौजूद रहे। बिजली विभाग के मुताबिक, इस तरह की चोरी से न केवल राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि ईमानदार उपभोक्ताओं को भी लो-वोल्टेज और बिजली कटौती की समस्या का सामना करना पड़ता है।
अवैध नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए विभागीय सख्ती
अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यह अभियान महज एक शुरुआत है। जिन लोगों ने भूमिगत केबलिंग या कटिया के जरिए (Public Utility Theft) को अपना धंधा बना लिया है, उनकी पहचान की जा रही है। विभाग अब उन ठेकेदारों और लाइनमैनों की भी कुंडली खंगाल रहा है, जिनकी मिलीभगत से यह अवैध मिनी पावर स्टेशन लंबे समय से फल-फूल रहा था। संभल पुलिस ने इस मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी शुरू कर दी है।
भविष्य में भी जारी रहेंगे ऐसे कड़े प्रहार
जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने जनता से अपील की है कि वे वैध कनेक्शन लेकर ही बिजली का उपयोग करें। उन्होंने चेतावनी दी है कि (Legal Compliance Enforcement) को सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी बिना किसी सूचना के ऐसी छापेमारी की जाएगी। सरकार का लक्ष्य बिजली चोरी को पूरी तरह समाप्त कर 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इस कार्रवाई के बाद से पूरे जनपद के बिजली चोरों में हड़कंप व्याप्त है।



