Shankaracharya – लखनऊ में गौ-रक्षा जनजागरण कार्यक्रम आज, प्रशासन की शर्तों पर विवाद
Shankaracharya – ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद आज राजधानी लखनऊ में गौ-रक्षा से जुड़े जनजागरण कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। यह आयोजन आशियाना क्षेत्र स्थित कांशीराम स्मृति उपवन के पास पासी किला चौराहे पर दोपहर लगभग 2:15 बजे प्रस्तावित है। कार्यक्रम के दौरान गौ-रक्षा को लेकर व्यापक जनजागरण और संभावित राष्ट्रीय रणनीति पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन ने कार्यक्रम की अनुमति दे दी है, लेकिन इसके साथ कई शर्तें भी लागू की गई हैं, जिन्हें लेकर शंकराचार्य ने आपत्ति जताई है।

कार्यक्रम के लिए प्रशासन की अनुमति और शर्तें
लखनऊ प्रशासन ने आयोजन की अनुमति देते समय कुल 26 शर्तें लागू की हैं। इन शर्तों में सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कई प्रावधान शामिल हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार का भड़काऊ भाषण या नारेबाजी नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा कार्यक्रम स्थल पर हथियार और आतिशबाजी लाने पर भी रोक लगाई गई है।
ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों का पालन करना भी आयोजकों के लिए अनिवार्य किया गया है। साथ ही रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर का इस्तेमाल बंद रखने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने यह भी कहा है कि कार्यक्रम के दौरान यातायात व्यवस्था बाधित नहीं होनी चाहिए और सीमित संख्या में ही वाहनों की अनुमति होगी।
शर्तों को लेकर जताई आपत्ति
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रशासन द्वारा लगाई गई कुछ शर्तों पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि यदि किसी कार्यक्रम में वक्ताओं को अपनी बात खुलकर रखने की स्वतंत्रता ही न मिले तो ऐसे आयोजन का उद्देश्य अधूरा रह जाता है।
उन्होंने कहा कि वे किसी भी प्रकार का उकसाने वाला भाषण देने के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन अपनी बात स्पष्ट रूप से रखने का अधिकार होना चाहिए। शंकराचार्य ने यह भी कहा कि वे किसी के निर्देशानुसार बोलने के लिए नहीं आए हैं, बल्कि गौ-रक्षा से जुड़े मुद्दों को सामने रखने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत समाज और गौ-भक्तों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। आयोजन स्थल और उसके आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी की तैनाती की गई है।
आशियाना, पीजीआई और कृष्णानगर थाना क्षेत्रों की पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यक्रम स्थल के आसपास यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए भी विशेष योजना बनाई गई है, ताकि आम लोगों को असुविधा न हो।
काशी से शुरू हुआ जनजागरण अभियान
लखनऊ में होने वाला यह कार्यक्रम एक व्यापक जनजागरण अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद इससे पहले काशी से यात्रा शुरू कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने जौनपुर, सुल्तानपुर, रायबरेली, मोहनलालगंज और नैमिषारण्य सहित कई स्थानों पर सभाएं कर लोगों से संवाद किया।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से गौ-रक्षा और उससे जुड़े सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता फैलाने की कोशिश की जा रही है। लखनऊ का कार्यक्रम इस अभियान का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है, जहां से आगे की रणनीति पर चर्चा हो सकती है।
आयोजन से पहले प्रशासनिक तैयारियां
आयोजन से पहले स्थानीय प्रशासन और आयोजकों के बीच कई दौर की बैठकें हुई हैं, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। जानकारी के अनुसार तीन दिवसीय कार्यक्रम के आयोजन के लिए आयोजकों ने स्मारक समिति में लगभग 4.5 लाख रुपये का शुल्क जमा कराया है।
प्रशासन का कहना है कि कार्यक्रम की अनुमति शर्तों के साथ दी गई है और यदि किसी भी नियम का उल्लंघन होता है तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कार्यक्रम के दौरान कानून व्यवस्था बनी रहे और शहर की सामान्य गतिविधियां प्रभावित न हों।



