Uttar Pradesh Weather: उत्तर प्रदेश में बारिश के बाद मौसम में बदलाव, बर्फीली हवाओं से बढ़ेगी कड़ाके की ठंड
Uttar Pradesh Weather: हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय हुए शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। कड़ाके की सर्दी के बीच राज्य के कई जिलों में हुई बारिश ने ठिठुरन को और अधिक बढ़ा दिया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले चौबीस घंटों के दौरान कुछ इलाकों में 11 घंटों के भीतर ही 14 मिलीमीटर तक वर्षा दर्ज की गई है। मंगलवार को जहां पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इसका व्यापक असर दिखा, वहीं बुधवार की सुबह राजधानी लखनऊ और इसके नजदीकी जिलों में फुहारों ने लोगों को सराबोर कर दिया। इस बेमौसम बारिश ने तापमान में गिरावट ला दी है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है।

बर्फीली हवाओं का प्रकोप और तापमान में भारी गिरावट
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अब पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है, जिसके कारण गुरुवार से आसमान साफ होने की संभावना है। हालांकि, आसमान साफ होते ही पहाड़ों से आने वाली सीधी बर्फीली हवाएं मैदानी इलाकों में ठिठुरन बढ़ाएंगी। उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की कमी आने के आसार हैं। दिन के समय धूप निकलने के बावजूद बर्फीली हवाओं के कारण धूप का असर बेअसर साबित हो सकता है। ठिठुरन भरी हवाएं रात के वक्त पारा गिराएंगी, जिससे गलन और ठंड का प्रकोप और अधिक गहरा हो जाएगा।
कोहरे का असर और दिन के तापमान में उतार-चढ़ाव
आने वाले दो-तीन दिनों तक सुबह के समय मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की चेतावनी जारी की गई है। कोहरे के कारण दृश्यता कम हो सकती है, जिससे यातायात पर भी असर पड़ने की आशंका है। बुधवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान 18.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 10.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बादलों की आवाजाही के बीच कुछ समय के लिए निकली हल्की धूप ने मामूली राहत तो दी, लेकिन सर्द हवाओं ने ठिठुरन कम नहीं होने दी। मौसम विभाग का मानना है कि 31 जनवरी तक उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में ‘सर्द दिन’ यानी कोल्ड डे की स्थिति बनी रह सकती है।
फरवरी की शुरुआत में फिर बदल सकता है मौसम का मिजाज
राहत की बात यह है कि जनवरी के अंत तक आसमान साफ रहेगा और धूप निकलेगी, लेकिन यह राहत अल्पकालिक हो सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 31 जनवरी की रात से एक और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ दस्तक दे सकता है। इसके प्रभाव से 1 और 2 फरवरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में एक बार फिर बादल छाने, हल्की से मध्यम बारिश होने और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। फरवरी की शुरुआत में होने वाला यह बदलाव रबी की फसलों के लिए भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बारिश और सर्द हवाओं के बीच जनजीवन पर प्रभाव
मंगलवार दोपहर से शुरू हुई बारिश और बूंदाबांदी का सिलसिला रात देर तक चलता रहा, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की समस्या भी देखी गई। बुधवार की सुबह घने बादलों के कारण दिन में ही शाम जैसा अंधेरा छा गया था, जिससे वाहनों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड के कारण लोग अलाव का सहारा लेते नजर आ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी इस बदलते मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी है, क्योंकि तापमान में अचानक होने वाले इस उतार-चढ़ाव से सर्दी-जुकाम और सांस संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।



