Kannauj Female Murder Mystery: क्या महंगे तोहफों की चाहत बनी जन्नत की बर्बादी का सबब, जानें खौफनाक मौत की डरावनी कहानी…
Kannauj Female Murder Mystery: उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। तीन दिन पहले निगोह मोड़ पर मिले एक अज्ञात महिला के जले हुए शव की गुत्थी को पुलिस ने एक सनसनीखेज मुठभेड़ के बाद सुलझा लिया है। शुक्रवार शाम को पुलिस और बदमाशों के बीच हुई (armed encounter) में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिन्होंने पूछताछ में जो खुलासा किया वह किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं था। इस मुठभेड़ ने न केवल अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा, बल्कि एक सोची-समझी हत्या की साजिश से पर्दा भी उठा दिया।

छिबरामऊ की सड़कों पर गूंजी गोलियों की तड़तड़ाहट
शुक्रवार की देर शाम जब छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के कैरदा रोड पर लक्षीराम नगला गांव के पास गोलियां चलीं, तो स्थानीय निवासियों में दहशत फैल गई। पुलिस ने घेराबंदी कर जवाबी कार्रवाई की, जिसमें शुक्लागंज निवासी एहतशाम और असलान घायल हो गए। इन दोनों (arrested criminals) ने इलाज के दौरान पुलिस को बताया कि उन्होंने ही कानपुर की रहने वाली 30 वर्षीय मुस्कान उर्फ जन्नत की बेरहमी से हत्या की थी। आरोपियों के पास से पुलिस ने अवैध तमंचा और कारतूस भी बरामद किए हैं, जो उनकी आपराधिक मानसिकता को दर्शाते हैं।
इश्क, धोखा और अंतहीन फरमाइशों का खूनी अंजाम
पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी एहतशाम ने बताया कि वह पिछले तीन वर्षों से तलाकशुदा मुस्कान से प्रेम करता था। हालांकि, यह प्रेम कहानी तब नफरत में बदल गई जब उसे पता चला कि मुस्कान उसके ही दोस्त असलान से भी नजदीकी बढ़ा रही है। एहतशाम के मुताबिक, मुस्कान की (extortionate demands) और महंगे तोहफों की लगातार बढ़ती फरमाइशों ने दोनों दोस्तों को आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान कर दिया था। जब मुस्कान ने दोनों से बात करना बंद नहीं किया, तो उन दोनों ने मिलकर उसे रास्ते से हटाने का खौफनाक मनसूबा तैयार किया।
गला घोंटकर हत्या और साक्ष्य मिटाने की बर्बरता
साजिश के तहत मंगलवार की शाम असलान ने मुस्कान को बहला-फुसलाकर शुक्लागंज स्थित एक घर में बुलाया। वहां दोनों ने मिलकर पहले उसका गला घोंटा और फिर शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। आरोपियों ने (criminal conspiracy) के तहत शव की पहचान मिटाने के लिए उसे डीजल डालकर जलाने का फैसला किया। उन्होंने शव को कंबल में लपेटकर एक कार में रखा और कानपुर से दूर कन्नौज के छिबरामऊ इलाके में जाकर निगोह मोड़ के पास उसे आग के हवाले कर दिया, ताकि पुलिस कभी उसकी शिनाख्त न कर सके।
‘पत्रकार’ लिखी कार और कानून को धोखा देने की कोशिश
वारदात को अंजाम देने के लिए जिस क्रेटा कार का इस्तेमाल किया गया, उस पर ‘पत्रकार’ लिखा हुआ था। पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि यह कार एहतशाम के भाई अल्तमस की है और उनके परिवार में दूर-दूर तक कोई पत्रकारिता से नहीं जुड़ा है। सड़क पर रौब दिखाने और (police checkposts) से बचने के लिए कार पर पत्रकार लिखवाया गया था। अपराधियों ने सोचा था कि प्रेस का स्टिकर देखकर पुलिस उन्हें नहीं रोकेगी, लेकिन कानून के हाथ आखिरकार उनके गिरेबान तक पहुंच ही गए।
सौ सीसीटीवी कैमरों ने खोल दी साजिश की पोल
एसपी विनोद कुमार ने इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने के लिए पुलिस की चार विशेष टीमें तैनात की थीं। जांच टीम ने कानपुर से कन्नौज तक के मार्ग पर लगे लगभग (CCTV surveillance) के फुटेज खंगाले। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस को उस संदिग्ध क्रेटा कार का नंबर मिला, जो घटना वाली रात निगोह मोड़ के पास देखी गई थी। कार के मालिक की डिटेल निकालने के बाद पुलिस की जांच की सुई एहतशाम की तरफ घूमी और धीरे-धीरे कत्ल की पूरी कहानी परत-दर-परत खुलती चली गई।
बेवफाई और लालच के बीच पिसा मासूम जीवन
मुस्कान उर्फ जन्नत, जो खुद एक तलाकशुदा महिला थी, शायद इस बात से अनजान थी कि जिन लोगों पर वह भरोसा कर रही है, वही उसकी मौत का फरमान लिख रहे हैं। पुलिस की (forensic investigation) ने स्पष्ट किया है कि आरोपियों ने बहुत ही पेशेवर तरीके से साक्ष्यों को नष्ट करने की कोशिश की थी। यह मामला समाज के उस काले सच को भी उजागर करता है जहां अनैतिक संबंधों और धन के लालच में आकर लोग जघन्य अपराध करने से भी पीछे नहीं हटते।
न्याय की दहलीज पर खड़ा अपराध और पुलिस की मुस्तैदी
कन्नौज पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों के मन में कानून का डर पैदा किया है। दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और अब पुलिस (legal proceedings) के माध्यम से उन्हें सख्त से सख्त सजा दिलाने की तैयारी कर रही है। यह घटना उन लोगों के लिए एक सबक है जो कानून को अपनी जेब में समझते हैं। जन्नत को न्याय दिलाने के लिए पुलिस अब चार्जशीट तैयार करने में जुटी है ताकि अदालत में इन हत्यारों का जुर्म साबित किया जा सके।