Cyclospora – पेट के इस परजीवी संक्रमण को हल्के में लेना पड़ सकता है भारी…
Cyclospora– पेट से जुड़ी समस्याओं को अक्सर सामान्य मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन कुछ संक्रमण समय रहते इलाज न मिलने पर गंभीर रूप ले सकते हैं। हाल के दिनों में साइक्लोस्पोरा संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सतर्क रहने की सलाह दी है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका के मिशिगन राज्य में इस संक्रमण से जुड़े मामलों के बीच दो लोगों की मौत दर्ज की गई है। इससे पहले भी अलग-अलग देशों में इसके मामले सामने आते रहे हैं। इसी वर्ष अभिनेत्री सबा आजाद ने भी सोशल मीडिया के जरिए बताया था कि वह इस संक्रमण की चपेट में आई थीं। गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने भी इस बीमारी के बारे में जागरूक रहने की आवश्यकता बताई है।

क्या है साइक्लोस्पोरा संक्रमण
साइक्लोस्पोरियासिस एक आंतों का संक्रमण है, जो Cyclospora cayetanensis नामक सूक्ष्म परजीवी के कारण होता है। यह संक्रमण दूषित भोजन या पानी के माध्यम से फैल सकता है। हालांकि इसके लक्षण कई बार सामान्य फूड पॉइजनिंग जैसे दिखाई देते हैं, लेकिन दोनों के कारण अलग होते हैं। जहां फूड पॉइजनिंग अक्सर बैक्टीरिया या वायरस से होती है, वहीं साइक्लोस्पोरा संक्रमण एक परजीवी की वजह से विकसित होता है।
शरीर में कैसे पहुंचता है परजीवी
विशेषज्ञों के अनुसार यह परजीवी बिना अच्छी तरह साफ किए गए कच्चे फल और पत्तेदार सब्जियों, दूषित पेयजल या संक्रमित पानी के संपर्क से शरीर में प्रवेश कर सकता है। खासतौर पर सलाद में इस्तेमाल होने वाली लेट्यूस और अन्य हरी पत्तेदार सब्जियों को पर्याप्त रूप से साफ न करने पर संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। शरीर में पहुंचने के बाद यह परजीवी आंतों को प्रभावित करता है और पाचन संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है।
किन लक्षणों पर रखें नजर
साइक्लोस्पोरा संक्रमण के लक्षण आमतौर पर संक्रमण के लगभग एक सप्ताह बाद दिखाई देते हैं। इनमें बार-बार पानी जैसे दस्त, पेट में दर्द और ऐंठन, मतली, उल्टी, भूख कम लगना, गैस बनना, पेट फूलना, हल्का बुखार, थकान, कमजोरी, वजन घटना और शरीर में पानी की कमी शामिल हो सकते हैं। यदि ये लक्षण लगातार बने रहें या अधिक गंभीर हो जाएं, तो बिना देरी किए चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
जांच और उपचार कैसे होता है
डॉक्टरों के अनुसार इस संक्रमण की पुष्टि प्रयोगशाला जांच, जैसे PCR टेस्ट या अन्य उपयुक्त जांचों के माध्यम से की जा सकती है। सही समय पर बीमारी की पहचान होने पर चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उपचार संभव है। विशेषज्ञ किसी भी प्रकार की दवा स्वयं लेने के बजाय डॉक्टर की सलाह का पालन करने की सलाह देते हैं।
संक्रमण से बचाव के आसान उपाय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमण से बचने के लिए भोजन की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। फल और सब्जियों को बहते पानी में अच्छी तरह धोकर ही उपयोग करें। पत्तेदार सब्जियों की बाहरी परत हटाना भी उपयोगी माना जाता है। जहां संभव हो, भोजन को पर्याप्त तापमान पर अच्छी तरह पकाकर खाएं। केवल साफ और सुरक्षित पेयजल का ही सेवन करें तथा स्वच्छता से जुड़े सामान्य नियमों का पालन करें। इन सावधानियों से साइक्लोस्पोरा सहित कई खाद्य जनित संक्रमणों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।