WTC – श्रीलंका दौरे से पहले राहुल-यशस्वी ने स्पिन पर किया खास अभ्यास
WTC– भारतीय क्रिकेट टीम मंगलवार, 4 अगस्त को श्रीलंका दौरे के लिए रवाना होने वाली है, जहां उसे 15 अगस्त से शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है। यह श्रृंखला आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 का हिस्सा है और टीम इंडिया के लिए अंकतालिका के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसी वजह से खिलाड़ी दौरे से पहले अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। खासतौर पर सलामी बल्लेबाज केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल ने श्रीलंका रवाना होने से पहले स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ विशेष अभ्यास किया।

मुंबई में नेट्स पर बहाया पसीना
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमवार को केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल मुंबई के बांद्रा स्थित एक क्रिकेट सुविधा केंद्र में अभ्यास करते नजर आए। टीम के रवाना होने में केवल एक दिन शेष होने के बावजूद दोनों बल्लेबाजों ने नेट्स में लंबा अभ्यास सत्र किया। उस दौरान मुंबई में रुक-रुक कर बारिश हो रही थी, इसलिए उन्होंने ऐसी इनडोर सुविधा का चयन किया, जहां मौसम का असर अभ्यास पर न पड़े।
स्पिन गेंदबाजी पर रहा पूरा फोकस
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस अभ्यास सत्र का मुख्य उद्देश्य श्रीलंका की संभावित स्पिन अनुकूल परिस्थितियों के लिए खुद को तैयार करना था। दोनों बल्लेबाजों ने ऑफ स्पिन, लेफ्ट आर्म स्पिन और लेग स्पिन के खिलाफ अलग-अलग सत्रों में बल्लेबाजी की। घरेलू क्रिकेट में मुंबई का प्रतिनिधित्व करने वाले स्पिनर तनुष कोटियान ने भी उन्हें गेंदबाजी की। बताया जा रहा है कि कोटियान श्रीलंका दौरे पर भारतीय टीम के साथ नेट गेंदबाज के रूप में भी जुड़ सकते हैं।
पूर्व चयनकर्ता की निगरानी में अभ्यास
क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार, इस अभ्यास सत्र में भारत के पूर्व चयनकर्ता जतिन परांजपे भी मौजूद रहे। उनके मार्गदर्शन में दोनों सलामी बल्लेबाज पिछले कुछ दिनों से नियमित रूप से अभ्यास कर रहे थे। परांजपे ने बताया कि यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल लगातार नेट्स में समय बिता रहे हैं और श्रीलंका की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ अपनी तकनीक पर विशेष काम कर रहे हैं।
श्रीलंका की परिस्थितियां होंगी चुनौती
श्रीलंका की अधिकांश टेस्ट पिचें स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती हैं। ऐसे में नई गेंद से भी स्पिन का सामना करना भारतीय बल्लेबाजों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसी कारण टीम प्रबंधन और बल्लेबाज तैयारी में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहते। विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती साझेदारी इस टेस्ट सीरीज में अहम भूमिका निभा सकती है।
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में अहम होगी सीरीज
भारत के लिए यह टेस्ट सीरीज केवल द्विपक्षीय मुकाबला नहीं, बल्कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के अभियान का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। अंकतालिका में बेहतर स्थिति हासिल करने के लिए टीम इंडिया की नजर दोनों मुकाबलों में मजबूत प्रदर्शन पर रहेगी। ऐसे में दौरे से पहले खिलाड़ियों की तैयारी और परिस्थितियों के अनुरूप अभ्यास को टीम की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।