उत्तराखण्ड

ChadarGang – इंदौर में वारदात से पहले 20 शातिर चोर गिरफ्तार

ChadarGang – एक बड़े आपराधिक गिरोह की संभावित वारदात को समय रहते विफल कर दिया गया, जब उत्तराखंड की नैनीताल पुलिस से मिली सूचना के आधार पर इंदौर पुलिस ने 20 संदिग्ध अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब बिहार से आए इन लोगों के एक होटल में ठहरने और शहर में बड़ी चोरी की योजना बनाने की जानकारी मिली। बताया गया कि गिरफ्तार किए गए लोग कुख्यात ‘चादर गैंग’ से जुड़े हो सकते हैं। इस पूरी कार्रवाई में नैनीताल पुलिस की सूचना अहम साबित हुई, जिसकी सराहना इंदौर पुलिस अधिकारियों ने भी की है।

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हल्द्वानी से मिली सूचना ने खोली साजिश की परत

इस ऑपरेशन की शुरुआत उत्तराखंड के हल्द्वानी से हुई। जानकारी के अनुसार बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के एक मुखबिर ने नैनीताल पुलिस के एक सिपाही को सूचना दी कि बिहार से करीब 20 लोगों का एक गिरोह मध्य प्रदेश के इंदौर पहुंच चुका है और शहर के एक होटल में ठहरा हुआ है। मुखबिर ने आशंका जताई कि यह गिरोह किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की तैयारी में है।

सूचना मिलते ही संबंधित पुलिसकर्मी ने बिना देरी किए इंदौर पुलिस से संपर्क किया और संभावित ठिकाने की जानकारी साझा की। सूचना को गंभीरता से लेते हुए इंदौर पुलिस ने तुरंत टीम गठित की और बताए गए होटल पर पहुंचकर घेराबंदी कर दी। पुलिस की कार्रवाई के दौरान होटल से सभी 20 संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया।

‘चादर गैंग’ के तौर पर पहचाना जाता है गिरोह

पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोगों को प्रारंभिक जांच में ‘चादर गैंग’ से जुड़ा माना जा रहा है। यह गिरोह चोरी की घटनाओं को अंजाम देने के अपने विशेष तरीके के कारण पुलिस रिकॉर्ड में पहले से जाना जाता है। इंदौर के एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उनके आपराधिक नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या इस गिरोह के स्थानीय स्तर पर भी कुछ संपर्क हैं, जिन्होंने उन्हें शहर में ठहरने या वारदात की योजना बनाने में मदद की हो सकती है।

उत्तराखंड में भी दर्ज हैं कई घटनाएं

पुलिस सूत्रों के मुताबिक यह गिरोह पहले भी उत्तराखंड के कुछ इलाकों में सक्रिय रहा है। हल्द्वानी में करीब चार वर्ष पहले जिलाधिकारी आवास के पास स्थित एक मोबाइल शोरूम में हुई बड़ी चोरी की घटना में भी इसी गिरोह का नाम सामने आया था। उस घटना में लाखों रुपये के मोबाइल फोन और अन्य सामान चोरी होने की बात सामने आई थी।

इसके अलावा नैनीताल में आयोजित नंदा देवी मेले के दौरान भी चेन स्नेचिंग और जेबतराशी की कुछ घटनाओं में इस गिरोह की संलिप्तता की आशंका जताई गई थी। इन घटनाओं के आधार पर पुलिस अब पुराने मामलों से भी संभावित कड़ियों की जांच कर रही है।

वारदात के लिए अपनाते हैं खास तरीका

जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार इस गिरोह की कार्यशैली सामान्य चोरों से अलग मानी जाती है। पुलिस के मुताबिक गिरोह के सदस्य चोरी के समय बड़ी चादर का इस्तेमाल करते हैं। वे जिस स्थान को निशाना बनाते हैं, वहां पहले चादर फैलाकर आसपास का दृश्य छिपा देते हैं ताकि बाहर से किसी को गतिविधियां साफ दिखाई न दें।

इस तरीके से वे कुछ ही समय में चोरी की घटना को अंजाम देकर मौके से निकल जाते हैं। इसी कारण पुलिस रिकॉर्ड में इस गिरोह को ‘चादर गैंग’ के नाम से जाना जाता है।

अवैध खनन के मामले में भी कार्रवाई

इधर हल्द्वानी और लालकुआं क्षेत्र में वन विभाग ने अवैध खनन के खिलाफ भी कार्रवाई की है। सोमवार को गौला रेंज के देवरामपुर गेट पर चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व एसडीओ गौला एके जोशी ने किया।

जांच के दौरान एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोका गया, जो उपखनिज लेकर जा रहा था। चालक से जब संबंधित दस्तावेज मांगे गए तो वह वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद वन विभाग की टीम ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया और उसे डौली रेंज परिसर में खड़ा करा दिया। अधिकारियों के अनुसार अवैध खनन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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