CM Pushkar Singh Dhami Almora Visit: अल्मोड़ा के ताड़ीखेत में सीएम धामी ने तोड़ा प्रोटोकॉल, मुख्यसेवक बनकर सुनीं जनता की फरियादें
CM Pushkar Singh Dhami Almora Visit: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का एक बेहद संवेदनशील और सहज अंदाज अल्मोड़ा के ताड़ीखेत में देखने को मिला। जैनोली में आयोजित एक बहुउद्देशीय शिविर के दौरान सीएम ने सुरक्षा और (Official Protocol Procedures) की औपचारिकताओं को दरकिनार कर दिया। वे सीधे आम जनता के बीच जा पहुंचे और उनसे संवाद स्थापित किया। मुख्यमंत्री का यह व्यवहार जनता के प्रति उनकी जवाबदेही और सेवा भाव को दर्शाता है, जिससे वहां मौजूद लोग काफी प्रभावित नजर आए।

‘मुख्यसेवक’ स्टॉल में बैठकर सुनीं समस्याएं
शिविर में एक विशेष स्टॉल लगाया गया था जिसका नाम ‘मुख्यसेवक’ रखा गया था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इसी स्टॉल पर किसी आम कर्मचारी की तरह बैठ गए और एक-एक कर लोगों की (Public Grievance Redressal) शुरू की। लगभग डेढ़ घंटे तक मुख्यमंत्री ने जनता की व्यक्तिगत और सामूहिक समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार का काम केवल फाइलों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि धरातल पर समाधान दिखना चाहिए।
दिव्यांग की पेंशन पर अधिकारियों को लगी फटकार
शिविर के दौरान एक भावुक क्षण तब आया जब दीपा नाम की एक दिव्यांग महिला मुख्यमंत्री के पास पहुंचीं। उन्होंने शिकायत की कि उन्हें काफी समय से पेंशन नहीं मिल पा रही है। यह सुनकर मुख्यमंत्री (Administrative Accountability Issues) को लेकर अधिकारियों पर बिफर पड़े। उन्होंने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए मौके पर ही निर्देश दिए कि तत्काल सभी कागजी कार्रवाई पूरी कर दीपा की पेंशन जारी की जाए। सीएम ने साफ किया कि दिव्यांगों और बुजुर्गों के काम में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं होगी।
जर्जर स्कूल भवन के जीर्णोद्धार का बड़ा ऐलान
ताड़ीखेत दौरे के दौरान शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी बड़ी घोषणा की गई। पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज के भवन की दयनीय स्थिति की शिकायत मिलने पर सीएम ने तुरंत (School Infrastructure Development) के लिए निर्देश जारी किए। उन्होंने विद्यालय भवन के जीर्णोद्धार की घोषणा करते हुए अधिकारियों से कहा कि बच्चों को एक सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। जर्जर भवनों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक करने के आदेश दिए गए।
स्थानीय स्तर पर समाधान है शिविरों का मुख्य उद्देश्य
मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि इन बहुउद्देशीय शिविरों का एकमात्र उद्देश्य यह है कि लोगों को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए (Localized Problem Solving) का मंच मिले। उन्होंने कहा कि “प्रशासन गांव की ओर” अभियान के माध्यम से शासन और जनता के बीच के विश्वास को सशक्त किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने पेयजल योजनाओं, ग्रामीण सड़कों और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का भी त्वरित संज्ञान लिया।
रानीखेत में चाय पर चर्चा और कांग्रेस कार्यकर्ता से संवाद
जैनोली के बाद मुख्यमंत्री रानीखेत के गांधी चौक पहुंचे, जहां उनका एक अलग ही रूप दिखा। उन्होंने राजू नेगी की दुकान पर बैठकर आम लोगों के साथ चाय का आनंद लिया। इस दौरान ‘चाय पर चर्चा’ (Political Dialogue Engagement) का हिस्सा बनी, जब वहां मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ता अजय बबली ने नगर पालिका से जुड़े मुद्दे उठाए। सीएम ने राजनीतिक मतभेदों को किनारे रख उनसे शालीनता से बात की और बताया कि इस मामले में रक्षा मंत्रालय के साथ वार्ता जारी है।
आधार कार्ड और नगर पालिका के मुद्दों पर आश्वासन
कांग्रेस कार्यकर्ता द्वारा उठाए गए आधार कार्ड केंद्र और नगर पालिका के मुद्दों पर मुख्यमंत्री ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि (Citizen Services Accessibility) को बेहतर बनाने के लिए सरकार शिविरों का आयोजन कर रही है। आधार कार्ड जैसी मूलभूत सेवाओं के लिए जनता को भटकना न पड़े, इसके लिए स्थानीय स्तर पर केंद्रों को सक्रिय किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के इस रुख से विपक्षी कार्यकर्ताओं ने भी उनकी कार्यशैली की सराहना की।
अल्मोड़ा को करोड़ों की सौगात और भविष्य का रोडमैप
मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल शिकायतों तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने अल्मोड़ा के विकास के लिए 77 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की सौगात भी दी। इसमें मिनी स्टेडियम से लेकर हेलीपैड तक की (Regional Development Projects) शामिल हैं। सीएम ने अधिकारियों को हिदायत दी कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा से कोई समझौता न हो। उन्होंने दोहराया कि उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए सरकार “विकल्प रहित संकल्प” के साथ काम कर रही है।



