उत्तराखण्ड

DehradunMurderCase – अर्जुन शर्मा हत्याकांड में आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाने की तैयारी

DehradunMurderCase –  देहरादून में चर्चित अर्जुन शर्मा हत्याकांड में पुलिस अब आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और कड़ी करने की तैयारी में है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस इस मामले से जुड़े प्रमुख आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाने की प्रक्रिया शुरू कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार हत्या की साजिश रचने में शामिल अर्जुन शर्मा की मां बीना शर्मा, उनके करीबी विनोद उनियाल और डॉ. अजय खन्ना के साथ-साथ इस घटना को अंजाम देने वाले दोनों शूटरों को भी इस कार्रवाई के दायरे में लाया जाएगा।

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यह मामला 11 फरवरी का है, जब शहर के व्यस्त इलाके में दिनदहाड़े गोली मारकर व्यवसायी अर्जुन शर्मा की हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे देहरादून को झकझोर दिया था और पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी थी।

पारिवारिक विवाद बना हत्या की वजह

पुलिस जांच में सामने आया कि इस हत्या के पीछे लंबे समय से चला आ रहा पारिवारिक संपत्ति विवाद मुख्य कारण था। अर्जुन शर्मा और उनकी मां के बीच करोड़ों रुपये की संपत्ति को लेकर मतभेद थे, जो समय के साथ गंभीर विवाद में बदल गया।

देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल के अनुसार जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि बीना शर्मा, विनोद उनियाल और डॉ. अजय खन्ना इस पूरे घटनाक्रम में अहम भूमिका निभा रहे थे। पुलिस को मिले साक्ष्यों से संकेत मिला है कि आरोपियों ने आपसी विवाद के चलते अर्जुन शर्मा की हत्या की साजिश रची और इसके लिए भाड़े के शूटरों की मदद ली।

दिनदहाड़े गोलीबारी से दहला था बाजार क्षेत्र

घटना 11 फरवरी की सुबह करीब साढ़े दस बजे तिब्बती मार्केट और परेड ग्राउंड के आसपास के क्षेत्र में हुई थी। उस समय गैस एजेंसी संचालक अर्जुन शर्मा अपने काम से बाहर निकले थे। इसी दौरान स्कूटी पर आए दो बदमाशों ने उन्हें निशाना बनाते हुए गोली चला दी।

व्यस्त बाजार क्षेत्र में अचानक हुई इस गोलीबारी से इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी। घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के क्षेत्रों की घेराबंदी करते हुए जांच शुरू कर दी।

जांच में जुटाए जा रहे डिजिटल और तकनीकी साक्ष्य

पुलिस इस मामले में मजबूत चार्जशीट तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड जैसे कई तकनीकी साक्ष्य जुटाए हैं। इसके अलावा आरोपियों के बीच हुई व्हाट्सऐप चैट और रेकी के दौरान खींची गई तस्वीरों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार चार्जशीट में भाड़े के शूटर पंकज और राजीव के साथ विनोद उनियाल के संपर्क को प्रमुख आधार बनाया जाएगा। इन सभी के बीच हुई बातचीत और योजना से जुड़े साक्ष्यों को अदालत में पेश करने की तैयारी की जा रही है ताकि आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया में किसी तरह की राहत न मिल सके।

बताया गया है कि इस परिवार से जुड़े संपत्ति विवादों को लेकर पहले भी बसंत विहार थाने में मामले दर्ज हो चुके हैं। इन पुराने मामलों से जुड़े दस्तावेज भी जांच में शामिल किए जा रहे हैं।

जेल में बंद डॉ. अजय खन्ना का पद बना रहेगा

इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में डॉ. अजय खन्ना भी शामिल हैं, जो इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष हैं। वर्तमान में वे जेल में बंद हैं, लेकिन संगठन के नियमों के अनुसार उनके पद पर बने रहने का फैसला किया गया है।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रांतीय सचिव डॉ. डीडी चौधरी ने कहा कि जब तक अदालत द्वारा दोष सिद्ध नहीं हो जाता, तब तक किसी पदाधिकारी को हटाया नहीं जा सकता। ऐसे में डॉ. खन्ना की अनुपस्थिति में संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालेंगे।

पुलिस की नजर में सुनियोजित साजिश

जांच एजेंसियों के अनुसार अब तक सामने आए साक्ष्य यह संकेत देते हैं कि यह घटना अचानक नहीं हुई बल्कि पहले से योजना बनाकर अंजाम दी गई थी। पुलिस का मानना है कि आरोपियों ने लंबे समय तक निगरानी और योजना बनाने के बाद इस वारदात को अंजाम दिलाया।

फिलहाल मामले से जुड़े सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और पुलिस आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर जल्द ही विस्तृत चार्जशीट अदालत में दाखिल की जाएगी।

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