उत्तराखण्ड

Infrastructure – उत्तराखंड कैबिनेट के फैसलों से निर्माण लागत बढ़ी, रोडवेज को नई रफ्तार

Infrastructure – उत्तराखंड सरकार की गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगी, जिनका असर आम लोगों से लेकर कारोबार, शिक्षा और परिवहन व्यवस्था तक दिखाई देगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित बैठक में खनन सामग्री पर रॉयल्टी बढ़ाने, रोडवेज बेड़े में नई बसें शामिल करने, मदरसों की संबद्धता प्रक्रिया बदलने और छोटे ठेकेदारों को बड़ी परियोजनाओं में मौका देने जैसे निर्णय लिए गए।

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खनन सामग्री महंगी होने से निर्माण लागत बढ़ने के संकेत

राज्य सरकार ने रेत, बजरी और अन्य खनन सामग्री पर रॉयल्टी दर बढ़ाने का फैसला किया है। अब यह दर सात रुपये प्रति कुंतल से बढ़ाकर आठ रुपये प्रति कुंतल कर दी गई है। सरकार का कहना है कि नियमों में संशोधन के बाद राजस्व संग्रह में सुधार होगा, लेकिन इसका सीधा असर निर्माण कार्यों की लागत पर पड़ सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि मकान निर्माण और छोटे निजी प्रोजेक्ट पहले की तुलना में कुछ महंगे हो सकते हैं।

कैबिनेट बैठक के बाद सचिव (गोपन) शैलेश बगौली ने बताया कि कुल 17 प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया। इनमें उपखनिज नियमावली 2023 में संशोधन भी शामिल है।

मदरसों की संबद्धता प्रक्रिया में बदलाव

राज्य में संचालित मदरसों को लेकर भी सरकार ने नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। अब कक्षा एक से आठ तक संचालित मदरसों को जिला स्तरीय शिक्षा समिति से संबद्धता मिलेगी, जबकि कक्षा नौ से 12 तक के लिए विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर से मान्यता आवश्यक होगी।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड में इस समय 452 मदरसे संचालित हैं, जिनमें अधिकांश में केवल प्राथमिक और जूनियर स्तर तक पढ़ाई होती है। सरकार ने अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम में संशोधन के लिए अध्यादेश लाने को भी मंजूरी दी है।

देहरादून पार्षदों को मिलेगा मासिक भत्ता

देहरादून नगर निगम बोर्ड बैठक में पार्षदों के लिए प्रतिमाह 25 हजार रुपये भत्ता देने का प्रस्ताव भी पारित कर दिया गया। यह व्यवस्था एक जून से लागू होगी। लंबे समय से पार्षद मानदेय की मांग कर रहे थे, जिसे अब बोर्ड की मंजूरी मिल गई है।

बैठक के दौरान अधिकारियों ने नगर निगम पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ का मुद्दा उठाया था, लेकिन पार्षदों के समर्थन और समिति की सिफारिश के बाद प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी गई। समिति ने कार्यालय, ईंधन और अन्य खर्चों को देखते हुए भत्ते की सिफारिश की थी।

शराब पर वैट घटाने से कीमतों में राहत की उम्मीद

कैबिनेट ने शराब पर वैट दर 12 प्रतिशत से घटाकर छह प्रतिशत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। सरकार का तर्क है कि इससे पड़ोसी राज्यों के मुकाबले कीमतों में संतुलन बनेगा और सीमावर्ती इलाकों में अवैध तस्करी पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है।

आबकारी नीति में पहले से छह प्रतिशत वैट का प्रावधान था, लेकिन वाणिज्य कर नियमों में तकनीकी विसंगति बनी हुई थी। अब दोनों विभागों के नियमों में समानता ला दी गई है।

छोटे ठेकेदारों को बड़ी परियोजनाओं में मौका

राज्य सरकार ने डी-श्रेणी के ठेकेदारों के लिए टेंडर सीमा बढ़ाकर डेढ़ करोड़ रुपये कर दी है। पहले ये ठेकेदार केवल एक करोड़ रुपये तक के कार्यों के लिए पात्र थे। सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय स्तर पर काम करने वाले छोटे ठेकेदारों को राहत मिलेगी और क्षेत्रीय विकास कार्यों में तेजी आएगी।

प्रदेश में करीब 15 हजार डी-श्रेणी के ठेकेदार पंजीकृत हैं। इनमें सबसे अधिक संख्या लोक निर्माण विभाग से जुड़े ठेकेदारों की है।

रोडवेज बेड़े में शामिल होंगी 259 नई बसें

यात्रियों की बढ़ती संख्या और आगामी कुंभ मेले की तैयारियों को देखते हुए उत्तराखंड रोडवेज को 259 नई बसों की मंजूरी दी गई है। इनमें 200 बसें मैदानी मार्गों और 59 बसें पहाड़ी रूटों पर संचालित होंगी।

नई बसों के शामिल होने के बाद रोडवेज बेड़े की कुल संख्या लगभग 1700 तक पहुंच जाएगी। परिवहन विभाग का लक्ष्य है कि दीपावली से पहले नई बसें डिपो तक पहुंच जाएं ताकि त्योहार और पर्यटन सीजन के दौरान यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके।

उच्च शिक्षा में शोध गतिविधियों को बढ़ावा

कैबिनेट ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत 21 अनुदानित अशासकीय महाविद्यालयों में ‘मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना’ लागू करने को भी मंजूरी दी है। हालांकि, इसके लिए संबंधित कॉलेजों में पूर्णकालिक प्राचार्य की नियुक्ति अनिवार्य रखी गई है। सरकार का मानना है कि इससे शोध और अकादमिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।

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