MissingChildren – कोडरमा में लापता बच्चों की गुत्थी सुलझी, सभी सुरक्षित बरामद…
MissingChildren – झारखंड के कोडरमा जिले में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जयनगर प्रखंड के एक मोहल्ले से 10 बच्चों के अचानक लापता होने की सूचना सामने आई। देर रात तक बच्चों के घर न लौटने से परिजन परेशान हो उठे और देखते ही देखते पूरे इलाके में चिंता का माहौल बन गया। हालांकि, कई घंटों की सतत कोशिशों के बाद राहत की खबर आई और सभी बच्चे सुरक्षित अवस्था में बिहार के गया जिले से बरामद कर लिए गए।

अचानक लापता हुए बच्चे, पहले परिजनों ने की तलाश
घटना जयनगर प्रखंड के खरियाडीह इलाके की है, जहां एक ही मोहल्ले से 10 बच्चे एक साथ गायब हो गए। शुरुआत में परिजनों ने इसे सामान्य समझते हुए अपने स्तर से बच्चों की तलाश शुरू की। आसपास के इलाकों, रिश्तेदारों और जान-पहचान के लोगों से संपर्क किया गया, लेकिन देर रात तक बच्चों का कोई सुराग नहीं मिल सका। जैसे-जैसे समय बीतता गया, परिजनों की चिंता बढ़ती चली गई।
पुलिस को दी गई सूचना, शुरू हुई औपचारिक जांच
जब काफी प्रयासों के बाद भी बच्चों का पता नहीं चला, तो परिजनों ने स्थानीय पुलिस को मामले की जानकारी दी। सूचना मिलते ही जयनगर थाना पुलिस सक्रिय हुई और संभावित स्थानों पर खोजबीन शुरू कर दी गई। पुलिस ने बच्चों के हुलिए, उम्र और अंतिम बार देखे जाने की जानकारी जुटाई, लेकिन शुरुआती घंटों में कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आ सकी।
श्राद्ध भोज से जुड़ा सामने आया पूरा घटनाक्रम
गांव के मुखिया राजेंद्र यादव ने मामले की पृष्ठभूमि स्पष्ट करते हुए बताया कि एक फरवरी की रात गांव के कई लोग परसाबाद में आयोजित एक श्राद्ध भोज में शामिल होने गए थे। इसी दौरान मोहल्ले के कई बच्चे भी वहां पहुंचे थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद अधिकांश लोग अपने घर लौट आए, लेकिन 10 बच्चे वापस नहीं पहुंचे। इसी बात ने परिजनों और ग्रामीणों की चिंता को और गहरा कर दिया।
चाइल्ड हेल्पलाइन की मदद से गया में मिले बच्चे
लगातार प्रयासों और सूचनाओं के आदान-प्रदान के बाद यह पता चला कि सभी बच्चे किसी तरह गया, बिहार पहुंच गए हैं। इसके बाद चाइल्ड हेल्पलाइन गया की टीम ने तत्परता दिखाते हुए बच्चों को अपने संरक्षण में लिया। आवश्यक औपचारिकताओं के बाद यह पुष्टि हुई कि सभी बच्चे सुरक्षित हैं और किसी के साथ कोई अनहोनी नहीं हुई है।
सकुशल बरामदगी के बाद परिजनों ने ली राहत की सांस
बच्चों के सुरक्षित मिलने की खबर मिलते ही परिजनों और पूरे गांव ने राहत की सांस ली। पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन की संयुक्त कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने सराहना की। फिलहाल, यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बच्चे किन परिस्थितियों में गया पहुंचे और क्या इसमें किसी प्रकार की लापरवाही या भ्रम की स्थिति बनी थी।
प्रशासन सतर्क, बच्चों से की जा रही पूछताछ
पुलिस प्रशासन अब बच्चों से बातचीत कर पूरे घटनाक्रम को क्रमवार समझने का प्रयास कर रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है।



