RailConnectivity – रामनगर-देहरादून के बीच नई ट्रेन सेवा को मिली मंजूरी
RailConnectivity – उत्तराखंड में रेल नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। रामनगर और देहरादून के बीच नई ट्रेन सेवा शुरू करने को मंजूरी मिल गई है, जिससे प्रदेश के यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। यह सेवा खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है जो रोजमर्रा के काम, पढ़ाई या व्यापार के सिलसिले में इन दोनों शहरों के बीच आवाजाही करते हैं।

रेल मंत्रालय से मिली हरी झंडी
गढ़वाल से सांसद अनिल बलूनी ने जानकारी देते हुए बताया कि रामनगर-देहरादून के बीच ट्रेन चलाने के उनके प्रस्ताव को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्वीकृति दे दी है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने साल की शुरुआत में अनुरोध किया था, जिस पर सकारात्मक कार्रवाई हुई है। यह निर्णय राज्य में रेल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
यात्रियों को होगा सीधा फायदा
अब तक इन दोनों शहरों के बीच सीधी ट्रेन सेवा न होने के कारण यात्रियों को लंबा और समय लेने वाला रास्ता अपनाना पड़ता था। नई सेवा शुरू होने के बाद यात्रा का समय घटेगा और खर्च में भी कमी आएगी। इससे नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और व्यापारियों को बड़ी सहूलियत मिलेगी, जो नियमित रूप से इस रूट पर सफर करते हैं।
सांसद ने जताया आभार
अनिल बलूनी ने इस मंजूरी के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में रेलवे से जुड़ी मांगों पर लगातार सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का भी जिक्र किया और कहा कि उनके कार्यकाल में उत्तराखंड में रेल सेवाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया है।
पहले भी बढ़ी हैं रेल सुविधाएं
सांसद ने राज्य में पहले शुरू की गई कुछ प्रमुख रेल सेवाओं का भी उल्लेख किया। इनमें काठगोदाम-देहरादून के बीच नैनी-दून एक्सप्रेस, कोटद्वार से नई दिल्ली के लिए ट्रेन सेवा और देहरादून-लखनऊ के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस शामिल हैं। इन सेवाओं ने पहले ही यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई है।
आवागमन होगा और आसान
नई ट्रेन सेवा शुरू होने से रामनगर और देहरादून के बीच यात्रा पहले की तुलना में ज्यादा सुविधाजनक हो जाएगी। यह कदम न सिर्फ समय और लागत की बचत करेगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी गति देगा। दोनों शहरों के बीच आर्थिक और सामाजिक संपर्क भी मजबूत होने की संभावना है।
रोजाना यात्रियों को मिलेगी राहत
रेल मंत्रालय को भेजे गए प्रस्ताव में यह भी बताया गया था कि बड़ी संख्या में लोग रोजाना इन दोनों शहरों के बीच सफर करते हैं। ऐसे में सीधी ट्रेन सेवा की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी। अब इस मंजूरी के बाद यात्रियों को बेहतर विकल्प मिलेगा और उनकी दैनिक यात्रा अधिक सहज हो सकेगी।