उत्तराखण्ड

Uttarakhand Police Sub Inspector Recruitment 2026: 215 जांबाजों की टोली तैयार, मुख्यमंत्री ने थमाई खाकी की कमान

Uttarakhand Police Sub Inspector Recruitment 2026: देवभूमि की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने की दिशा में बुधवार का दिन बेहद ऐतिहासिक रहा। उत्तराखंड पुलिस और राज्य के सशस्त्र बलों के बेड़े में 215 नए ऊर्जावान उप निरीक्षकों (SI) की एंट्री हुई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने शिविर कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में इन सभी नवनियुक्त अधिकारियों को (Police Appointment Letters) वितरित किए। वर्दी पहनने का सपना पूरा होने की खुशी इन युवाओं के चेहरों पर साफ झलक रही थी, जो अब प्रदेश की सुरक्षा का भार उठाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

Uttarakhand Police Sub Inspector Recruitment 2026
Uttarakhand Police Sub Inspector Recruitment 2026

कानून व्यवस्था और आपदा प्रबंधन में बड़ी भूमिका

इस गौरवशाली अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की आंतरिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन प्रणाली को सशक्त बनाने में पुलिस की भूमिका रीढ़ की हड्डी के समान है। उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों को (State Law and Order Enforcement) की गंभीरता समझाते हुए कहा कि असली परीक्षा अब मैदान में शुरू होगी। 104 उप-निरीक्षक, 88 गुल्मनायक (पी.ए.सी) और 23 अग्निशमन द्वितीय अधिकारियों को संबोधित करते हुए सीएम ने स्पष्ट किया कि उन्हें प्रदेश की शांति और सुव्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी निष्ठा और अनुशासन के साथ कार्य करना होगा।

सीमाओं की सुरक्षा और नई चुनौतियों का सामना

उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए पुलिस के पास चुनौतियों का अंबार रहता है। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि हमारा प्रदेश दो अंतरराष्ट्रीय और दो आंतरिक सीमाओं से लगा हुआ है। ऐसे संवेदनशील राज्य में (Border Security and Crime Control) के साथ-साथ नशाखोरी, साइबर अपराध, महिला सुरक्षा और यातायात प्रबंधन जैसे मोर्चों पर पुलिस को प्रभावी ढंग से कार्य करना होगा। विशेष रूप से चारधाम और कांवड़ यात्रा जैसे मेगा आयोजनों के दौरान पुलिस की कार्यकुशलता ही राज्य की छवि को वैश्विक स्तर पर निखारती है।

प्रधानमंत्री के ‘स्मार्ट पुलिस’ विजन पर जोर

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्मार्ट पुलिस’ के विजन को उत्तराखंड में धरातल पर उतारने की बात कही। उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार पुलिस बल को (Modern Technology in Policing) जैसे कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा एनालिटिक्स और उन्नत साइबर सुरक्षा उपकरणों से लैस करने के लिए संकल्पबद्ध है। बीते तीन वर्षों में पुलिस कर्मियों के बेहतर जीवन स्तर के लिए 500 करोड़ रुपये के आवास प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है और उनके परिवारों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा भी सुनिश्चित की गई है।

महिला सुरक्षा में उत्तराखंड का बढ़ता दबदबा

महिला अपराधों के निस्तारण में उत्तराखंड पुलिस ने देश भर में अपनी अलग पहचान बनाई है। सीएम धामी ने गर्व से साझा किया कि राज्य ने महिला अपराधों को सुलझाने में (National Average Success Rate) से दोगुनी सफलता हासिल की है। गृह मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पोक्सो (POCSO) एक्ट और महिला अपराधों के मामलों के निस्तारण में उत्तराखंड पूरे देश में पांचवें स्थान पर काबिज है। यह सफलता दर्शाती है कि राज्य की पुलिस अपने कर्तव्यों के प्रति कितनी संवेदनशील और सक्रिय है।

नकल विरोधी कानून से पारदर्शिता का नया युग

भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार और नकल माफियाओं की कमर तोड़ने के लिए देश का सबसे सख्त ‘नकल विरोधी कानून’ लागू किया है। इसी का परिणाम है कि पिछले चार वर्षों में (Government Job Transparency) की बदौलत 26 हजार से अधिक युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी मिली है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि भविष्य की सभी परीक्षाएं भी पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाएंगी, जिससे केवल योग्य उम्मीदवार ही शासन का हिस्सा बनेंगे।

वरिष्ठ अधिकारियों और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति

इस गरिमामयी समारोह में शासन और प्रशासन के कई प्रमुख चेहरे मौजूद रहे। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल और विधायक खजानदास सहित कई जनप्रतिनिधियों ने (Uttarakhand Police Officers Meet) में हिस्सा लिया। पुलिस महानिदेशक (DGP) दीपम सेठ और गृह सचिव शैलेश बगोली ने भी नए अधिकारियों का स्वागत किया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने नवनियुक्त कर्मियों को विभागीय प्रोटोकॉल और अनुशासन के पाठ पढ़ाए, ताकि वे जनता के विश्वास पर खरे उतर सकें।

ईमानदारी और समर्पण के साथ कर्तव्य पथ पर कदम

अंत में मुख्यमंत्री ने सभी 215 नवनियुक्त कर्मियों से अपील की कि वे अपने पद की गरिमा बनाए रखें और जनता के साथ मित्रवत व्यवहार करते हुए अपराधियों में डर पैदा करें। (Public Trust and Safety) को मजबूत करना ही पुलिस का असली उद्देश्य होना चाहिए। इन नए अधिकारियों के आने से न केवल पुलिस बल की संख्या बढ़ी है, बल्कि आधुनिक सोच और तकनीक के मेल से राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को एक नई ऊर्जा भी मिली है। अब उत्तराखंड के कोने-कोने में सुरक्षा की दीवार और भी मजबूत होगी।

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