उत्तराखण्ड

Uttarakhand Winter Weather Alert: सूखे आसमान और हाड़ कंपाने वाली ठंड ने किया दोहरा प्रहार, लंबा गया बर्फबारी का इंतजार

Uttarakhand Winter Weather Alert: उत्तराखंड इन दिनों कुदरत के एक अजीब और चुनौतीपूर्ण मिजाज से रूबरू हो रहा है। राज्य में लंबे समय से बारिश और बर्फबारी न होने के कारण ‘सूखी ठंड’ ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। आसमान साफ है लेकिन हवाओं में मौजूद (Extreme Cold Wave) ने ठिठुरन को इस कदर बढ़ा दिया है कि राज्य के चार प्रमुख शहरों में न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से भी नीचे लुढ़क गया है। चकराता में पारा 3 डिग्री, पिथौरागढ़ में 4, रानीचौरी में 4.3 और टिहरी में 4.6 डिग्री दर्ज किया गया है, जिसने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।

Uttarakhand Winter Weather Alert
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कोहरे की चादर में फंसी रेलगाड़ियों की रफ्तार

मैदानी इलाकों में छाए घने कोहरे ने परिवहन व्यवस्था की कमर तोड़कर रख दी है। लक्सर और आसपास के क्षेत्रों में दृश्यता कम होने के कारण रेलवे को सुरक्षा की दृष्टि से (Train Operations Disruption) का सामना करना पड़ रहा है। कामाख्या-आनंद विहार टर्मिनल और जम्मूतवी-तिरुपति जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। वहीं, उपासना एक्सप्रेस जैसी लंबी दूरी की ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 6 से 11 घंटे की देरी से चल रही हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए कम दृश्यता में ट्रेनों की गति धीमी रखनी पड़ रही है।

सड़कों पर थमा बसों का कारवां और यात्रियों की बेबसी

सिर्फ रेल ही नहीं, बल्कि सड़क परिवहन भी कोहरे के कारण बुरी तरह चरमरा गया है। रोडवेज बसों के संचालन पर पड़ रहे असर के चलते (Public Transport Logistics) पूरी तरह अस्त-व्यस्त है। दिल्ली से आने वाली बसें एक घंटा और लखनऊ-कानपुर से आने वाली गाड़ियां चार-चार घंटे की देरी से पहुंच रही हैं। विकासनगर और उत्तरकाशी रूट पर भी यात्रियों को घंटों बस अड्डों पर इंतजार करना पड़ रहा है। कोहरे के कारण सहारनपुर के लिए चलने वाली सुबह की पहली बस तीन घंटे की देरी से रवाना हो सकी, जिससे कामकाजी लोगों को भारी परेशानी हुई।

नए साल के जश्न के साथ बर्फबारी की उम्मीद

पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए मौसम विभाग ने एक राहत भरी खबर साझा की है। 30 दिसंबर से लेकर 1 जनवरी के बीच उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में (Snowfall Forecast 2026) की संभावना जताई गई है। केदारनाथ और बदरीनाथ जैसे धामों में 3500 मीटर से अधिक की ऊंचाई पर हल्की बर्फबारी और बारिश हो सकती है। अगर ऐसा होता है, तो यह न केवल पर्यटन के लिए बेहतर होगा बल्कि सूखी ठंड से परेशान लोगों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

फसलों पर मंडराता संकट और किसानों की चिंता

बारिश की कमी ने उत्तराखंड के कृषि क्षेत्र में खतरे की घंटी बजा दी है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि रबी की फसलों के लिए इस समय (Agricultural Productivity Risk) बहुत बढ़ गया है। गेहूं, जौ, सरसों और चने जैसी फसलों को इस वक्त एक अच्छी बारिश की सख्त जरूरत है। यदि एक हफ्ते के भीतर मेघ नहीं बरसे, तो मैदानी इलाकों के साथ-साथ पर्वतीय क्षेत्रों की असिंचित खेती को भारी नुकसान पहुंच सकता है। किसान अब आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं कि कब कुदरत मेहरबान होगी।

सेब के बागानों में नमी की कमी से हताशा

उत्तराखंड की आर्थिकी का मुख्य आधार माने जाने वाले सेब के बागान भी इस सूखे मौसम की मार झेल रहे हैं। सेब की फसल के लिए दिसंबर माह में बर्फबारी होना अनिवार्य माना जाता है, क्योंकि यह (Horticulture Crop Quality) के लिए जरूरी नमी प्रदान करती है। बर्फबारी न होने की स्थिति में पेड़ों पर समय से पहले फूल आने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे पैदावार की गुणवत्ता और मात्रा दोनों प्रभावित होती हैं। बागवानों को डर है कि अगर मौसम का यही हाल रहा, तो इस साल सेब का उत्पादन काफी गिर सकता है।

शीत दिवस और यलो अलर्ट की चेतावनी

मौसम विज्ञान केंद्र ने आगामी कुछ दिनों के लिए राज्य में यलो अलर्ट जारी किया है। हरिद्वार, उधमसिंह नगर, देहरादून और नैनीताल के मैदानी क्षेत्रों में (Dense Fog Warnings) के साथ ‘शीत दिवस’ की स्थिति बनी रहेगी। इसका मतलब है कि दिन के तापमान में भी भारी गिरावट आएगी और सूरज की रोशनी बेअसर साबित होगी। बर्फीली हवाओं के चलने से गलन और बढ़ने के आसार हैं, जिससे फिलहाल ठंड से राहत मिलने की कोई गुंजाइश नजर नहीं आ रही है।

सुरक्षा सावधानियां और प्रशासन की तैयारी

बढ़ती ठंड और कोहरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन ने भी कमर कस ली है। बुजुर्गों और बच्चों को (Health Safety Precautions) बरतने की सलाह दी गई है। अलाव और रैन बसेरों की व्यवस्था को पुख्ता किया जा रहा है ताकि बेसहारा लोगों को ठंड से बचाया जा सके। प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे कोहरे के दौरान फॉग लाइट का इस्तेमाल करें और गति सीमा का विशेष ध्यान रखें ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

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