UttarakhandPolitics – धामी सरकार पांचवें साल में, नए लक्ष्य और चुनौतियों पर फोकस
UttarakhandPolitics – उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने अपने कार्यकाल के चार वर्ष पूरे कर लिए हैं और अब पांचवें वर्ष में प्रवेश के साथ नई प्राथमिकताओं और चुनौतियों के साथ आगे बढ़ रही है। आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कुछ अहम क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित करने की रणनीति बनाई है। रोजगार सृजन, औद्योगिक निवेश, बुनियादी ढांचे का विस्तार, स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार को सरकार अपनी प्राथमिकता मान रही है।

चुनावी साल की तैयारी और रणनीति
सरकार के लिए पांचवां साल केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वर्ष 2022 में किए गए वादों को दोहराते हुए सरकार अब यह संदेश देने की कोशिश में है कि विकास की दिशा में उसकी प्रतिबद्धता बरकरार है। इस दौरान संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर जनता के बीच अपनी उपलब्धियों को प्रभावी तरीके से रखने की योजना भी बनाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने दोहराई प्राथमिकताएं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में बातचीत के दौरान कहा कि पिछले चार वर्षों में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं और यह क्रम आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, युवाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकता बताया। उनका कहना है कि राज्य सरकार जनहित को केंद्र में रखकर योजनाओं को आगे बढ़ा रही है।
2027 चुनाव और राजनीतिक चुनौती
उत्तराखंड में हर चुनाव में सत्ता परिवर्तन की परंपरा को 2022 में भाजपा ने तोड़ा था। अब पार्टी के सामने 2027 में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की चुनौती है। ऐसे में मुख्यमंत्री धामी की भूमिका और भी अहम हो गई है। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार मजबूत स्थिति में है और विकास कार्यों के आधार पर जनता का समर्थन फिर हासिल किया जाएगा।
रोजगार सृजन पर विशेष जोर
सरकार के अनुसार बीते चार वर्षों में 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। आने वाले वित्तीय वर्ष में विशेष अभियान चलाकर रिक्त पदों को भरने की तैयारी है। सभी विभागों को खाली पदों की पहचान कर भर्ती प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे युवाओं में रोजगार को लेकर उम्मीद बढ़ी है।
बुनियादी ढांचे को मिल रही गति
राज्य में पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों में बढ़ती संख्या को देखते हुए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाएं इसमें अहम भूमिका निभाएंगी। साथ ही पार्किंग, आवास और यात्री सुविधाओं को बढ़ाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
विकास योजनाओं का विस्तार
सरकार ने हाल के वर्षों में कई नई परियोजनाएं शुरू की हैं। केदारनाथ और मसूरी जैसे क्षेत्रों में रोपवे निर्माण की योजना पर काम जारी है। पहाड़ी क्षेत्रों में कृषि और बागवानी को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया गया है, जिससे स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
औद्योगिक निवेश को बढ़ावा
ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के दौरान हुए निवेश समझौतों को धरातल पर उतारना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। कुल 3.5 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावों में से बड़ी संख्या में परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है। इसके साथ ही नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना भी बनाई जा रही है, ताकि रोजगार के अवसर बढ़ सकें।
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर जोर
स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण और मौजूदा परियोजनाओं को समय पर पूरा करने पर ध्यान दिया जा रहा है। एम्स किच्छा और पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज जैसे प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दी गई है। साथ ही डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए भी प्रयास तेज किए जाएंगे।



