Bihar Assembly: बिहार विधानसभा बजट सत्र, अधिकारियों की अनुपस्थिति पर अध्यक्ष सख्त, दिए कड़े निर्देश
Bihar Assembly: बिहार विधानमंडल के आगामी बजट सत्र की तैयारियों को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उस समय असहज स्थिति पैदा हो गई, जब कई वरिष्ठ अधिकारी नदारद दिखे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने शीर्ष अधिकारियों की इस गैर-मौजूदगी पर कड़ा ऐतराज जताया और इसे विधायी कार्यों के प्रति लापरवाही करार दिया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी अनुशासनहीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि न केवल बजट सत्र की तैयारी बैठकों में, बल्कि विधानसभा की विभिन्न समितियों की कार्यवाही में भी अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव या सचिव स्तर के अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य होनी चाहिए।

दो फरवरी से शुरू होगा सत्र, तीन को आएगा बजट
बिहार विधानसभा का यह महत्वपूर्ण बजट सत्र 2 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। तय कार्यक्रम के मुताबिक, सत्र के दूसरे दिन यानी 3 फरवरी को राज्य का वित्तीय बजट सदन के पटल पर रखा जाएगा। इस बार का बजट लगभग 3.66 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। अध्यक्ष ने अधिकारियों को याद दिलाया कि यह एक लंबा और कार्य-प्रधान सत्र है, जिसमें कुल 19 बैठकें प्रस्तावित हैं। इस दौरान राज्यपाल के अभिभाषण के साथ-साथ वित्तीय चर्चा, प्रश्नकाल और गैर-सरकारी संकल्पों जैसे महत्वपूर्ण विधायी कार्यों का निष्पादन होना है।
संसदीय कार्य मंत्री ने दिया मुस्तैदी का भरोसा
अधिकारियों की अनुपस्थिति पर उठे विवाद के बीच संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने अध्यक्ष को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार विधानमंडल के प्रति अपनी जवाबदेही को लेकर पूरी तरह गंभीर है। मंत्री ने विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सत्र के दौरान पूरी तरह मुस्तैद रहें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो अधिकारी इस बैठक में नहीं आ सके थे, उन्होंने अपने अधीनस्थों को अधिकृत किया था, लेकिन भविष्य में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि बहुत अनिवार्य परिस्थिति को छोड़कर वरिष्ठ अधिकारी स्वयं उपस्थित रहें।
सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर विस्तृत चर्चा
बजट सत्र के दौरान विधानसभा परिसर और उसके आसपास की व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखने के लिए सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, चिकित्सा सुविधा और साफ-सफाई पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह और विधानसभा उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव भी मौजूद रहे। अध्यक्ष ने विशेष रूप से लंबित आश्वासनों, याचिकाओं और ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के त्वरित निस्तारण पर चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि माननीय सदस्यों द्वारा जनहित में उठाए गए सवालों और आवेदनों पर विभाग संवेदनशीलता दिखाएं और उनका जल्द से जल्द समाधान सुनिश्चित करें।
उच्चाधिकारियों की टीम ने व्यवस्था का लिया जायजा
बैठक में प्रशासनिक और पुलिस विभाग के शीर्ष अधिकारियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी, डीजीपी विनय कुमार और पटना के डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने सत्र के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल और ट्रैफिक प्लान के बारे में जानकारी साझा की। नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने परिसर की स्वच्छता और अन्य नागरिक सुविधाओं की तैयारी का ब्योरा दिया। अध्यक्ष ने सभी को निर्देश दिया कि सत्र की गरिमा और सदस्यों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किसी भी स्तर पर चूक की गुंजाइश नहीं रहनी चाहिए।



