NuclearDeal – ईरान पर हमले की योजना टली, ट्रंप ने बातचीत पर दिया जोर
NuclearDeal – अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई को फिलहाल टालने का संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच जारी बातचीत को देखते हुए अभी कूटनीतिक रास्ते को प्राथमिकता दी जा रही है। ट्रंप के मुताबिक परमाणु समझौते को लेकर हालिया संवाद सकारात्मक दिशा में बढ़ रहा है और आगे समाधान निकलने की संभावना बनी हुई है।

सोमवार को दिए गए बयान में ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ “गंभीर स्तर की बातचीत” जारी है, इसलिए प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई पर तुरंत आगे नहीं बढ़ा जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब पिछले कुछ दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ी हुई थी।
समझौता नहीं होने पर दी थी चेतावनी
इससे पहले ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए ईरान को सख्त संदेश दिया था। उन्होंने कहा था कि यदि समझौते की दिशा में प्रगति नहीं होती और युद्धविराम की स्थिति बिगड़ती है, तो हालात दोबारा संघर्ष की ओर बढ़ सकते हैं। हालांकि उन्होंने संभावित कार्रवाई की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की थी, लेकिन अमेरिकी सेना को तैयार रहने के निर्देश दिए जाने की बात कही गई थी।
अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए बातचीत जरूरी है। इसी वजह से फिलहाल सैन्य विकल्प पर तत्काल निर्णय लेने से बचा गया है। जानकारों के अनुसार वॉशिंगटन की कोशिश है कि बढ़ते तनाव के बीच तेल बाजार और वैश्विक व्यापार पर असर कम से कम पड़े।
ईरान ने स्वीकार किया युद्ध का असर
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने भी हालिया घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने माना कि अमेरिका और इजरायल के साथ टकराव के कारण देश को नुकसान उठाना पड़ा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों और अधिकारों की रक्षा करने में सक्षम है।
तेहरान में आयोजित एक सरकारी बैठक के दौरान पेजेशकियान ने कहा कि देश को वास्तविक स्थिति स्वीकार करनी चाहिए और हालात को लेकर भ्रम फैलाने से बचना चाहिए। उनके अनुसार संघर्ष का असर दोनों पक्षों पर पड़ा है और चुनौतियां केवल एक देश तक सीमित नहीं हैं।
ईरानी राष्ट्रपति ने अधिकारियों से अपील की कि वे ऐसी भाषा का इस्तेमाल न करें जिससे आंतरिक मतभेद बढ़ें। उन्होंने दोहराया कि ईरान कूटनीतिक प्रयास जारी रखेगा, लेकिन किसी भी बाहरी दबाव के आगे झुकने को तैयार नहीं है।
बातचीत में मध्यस्थता की भूमिका
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच जारी संपर्क में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। दोनों देशों के बीच प्रस्तावों और संदेशों का आदान-प्रदान इसी माध्यम से किया गया है। माना जा रहा है कि वार्ता के दौरान ईरानी तेल निर्यात से जुड़े कुछ प्रतिबंधों में अस्थायी राहत देने पर भी चर्चा हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बातचीत आगे बढ़ती है तो इससे पश्चिम एशिया में तनाव कम हो सकता है। साथ ही वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता आने की भी उम्मीद है। हालांकि अभी तक किसी औपचारिक समझौते की घोषणा नहीं हुई है।
ट्रंप ने ईरान पर लगाया आरोप
एक अमेरिकी पत्रिका को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान पहले बनी सहमतियों से पीछे हटता रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका समाधान चाहता है, लेकिन इसके लिए भरोसेमंद और स्पष्ट रुख जरूरी है। ट्रंप ने यह भी कहा कि उनकी प्राथमिकता बातचीत के जरिए स्थायी समझौता करना है, ताकि क्षेत्र में लंबे समय तक शांति बनी रहे।
दूसरी ओर, ईरान लगातार यह कहता रहा है कि वह अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय सम्मान से किसी तरह का समझौता नहीं करेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों देशों की बातचीत पर दुनिया की नजर बनी रहेगी।