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FuelPrice – पेट्रोल और डीजल के दाम में फिर हुई बढ़ोतरी

FuelPrice – देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर इजाफा किया गया है। पिछले एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी बार है जब तेल कंपनियों ने ईंधन के दाम बढ़ाए हैं। नई दरों के लागू होने के बाद आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। राजधानी दिल्ली समेत कई बड़े शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव दर्ज किया गया है, जबकि फिलहाल रसोई गैस उपभोक्ताओं को राहत मिली हुई है।

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मंगलवार को दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई। वहीं डीजल का नया भाव 91.58 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया। तेल कंपनियों ने घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया है।

बड़े शहरों में नए रेट लागू

कोलकाता में पेट्रोल अब 109.70 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि डीजल की कीमत 96.07 रुपये तक पहुंच गई है। चेन्नई में भी पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम बढ़े हैं। यहां पेट्रोल 104.49 रुपये प्रति लीटर और डीजल 96.11 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है।

लखनऊ, पटना, जयपुर और बेंगलुरु जैसे शहरों में भी तेल की कीमतों में अंतर बना हुआ है। बिहार की राजधानी पटना में पेट्रोल का भाव 109 रुपये से ऊपर पहुंच चुका है, जिससे उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है।

कुछ दिन पहले भी बढ़े थे दाम

इससे पहले पांच दिन पहले ही तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम में लगभग 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल और रुपये की कमजोरी के कारण तेल कंपनियों पर दबाव बना हुआ है।

रिपोर्ट के मुताबिक, तेल कंपनियों का दैनिक घाटा पहले करीब 1000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था, जो हालिया मूल्य वृद्धि के बाद कुछ कम हुआ है। हालांकि कंपनियां अब भी लागत से कम कीमत पर ईंधन बेच रही हैं।

सरकार की ओर से फिलहाल राहत नहीं

पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों ने साफ किया है कि फिलहाल तेल कंपनियों को किसी नए सब्सिडी पैकेज की योजना नहीं है। सरकार का मानना है कि मौजूदा स्थिति में कंपनियों को बाजार के अनुसार काम करना होगा। इसी वजह से उपभोक्ताओं को आने वाले दिनों में और कीमतों का सामना करना पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ईंधन महंगा होने का असर परिवहन लागत पर पड़ता है, जिसका सीधा प्रभाव रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी दिखाई देता है। ऐसे में महंगाई का दबाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

अंतरराष्ट्रीय हालात का असर

वैश्विक स्तर पर जारी तनाव का असर भी तेल बाजार पर साफ दिख रहा है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेजी आई है।

सरकार ने लंबे समय तक घरेलू बाजार में कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश की, लेकिन लगातार बढ़ते दबाव के बाद तेल कंपनियों ने दरों में संशोधन शुरू किया। जानकारों का मानना है कि यदि वैश्विक हालात जल्द नहीं सुधरे तो ईंधन की कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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