Mahendra Singh Dhoni: झारखंड पर्यटन की नई पहचान बनेंगे महेंद्र सिंह धोनी, ब्रांड एंबेसडर बनाने की तैयारी तेज
Mahendra Singh Dhoni: भारतीय क्रिकेट के दिग्गज और ‘कैप्टन कूल’ के नाम से मशहूर महेंद्र सिंह धोनी जल्द ही अपने गृह राज्य झारखंड के पर्यटन को विश्व पटल पर चमकाते नजर आएंगे। झारखंड सरकार धोनी को राज्य के पर्यटन विभाग का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त करने की योजना पर गंभीरता से काम कर रही है। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो इस प्रस्ताव से जुड़ी कागजी कार्रवाई और चयन की प्रक्रिया अपने अंतिम पड़ाव पर है। उम्मीद जताई जा रही है कि बहुत जल्द राज्य सरकार इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना जारी कर देगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता, जलप्रपातों और सांस्कृतिक धरोहरों की ओर देश-दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित करना है।

शिष्टाचार मुलाकात से शुरू हुआ था चर्चाओं का दौर
धोनी को झारखंड पर्यटन का चेहरा बनाने की सुगबुगाहट पिछले साल से ही शुरू हो गई थी। उस दौरान पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार और महेंद्र सिंह धोनी के बीच एक शिष्टाचार भेंट हुई थी, जिसके बाद से ही यह कयास लगाए जा रहे थे कि विभाग धोनी की लोकप्रियता का लाभ उठाना चाहता है। धोनी न केवल एक वैश्विक आइकन हैं, बल्कि झारखंड की माटी से उनका जुड़ाव भी जगजाहिर है। विभाग का मानना है कि धोनी के जुड़ने से राज्य के ‘इको-टूरिज्म’ और धार्मिक पर्यटन स्थलों को नई पहचान मिलेगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और ‘माही’ की अचानक भेंट
इसी बीच, गुरुवार शाम रांची एयरपोर्ट पर एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और महेंद्र सिंह धोनी की अचानक मुलाकात हो गई। दरअसल, मुख्यमंत्री की माता रूपी सोरेन अपने नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के लिए दिल्ली रवाना हो रही थीं। उनके साथ विधायक कल्पना सोरेन भी मौजूद थीं। मुख्यमंत्री अपनी माता को विदा करने एयरपोर्ट पहुंचे थे, जहां संयोगवश धोनी भी मौजूद थे। इस मुलाकात की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा कि माही से यह एक सुखद और अचानक हुई भेंट थी। इस तस्वीर के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर धोनी के ब्रांड एंबेसडर बनने की चर्चाओं को और बल मिल गया है।
झारखंड के पर्यटन स्थलों का होगा कायाकल्प
पर्यटन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि धोनी के माध्यम से वे राज्य के उन अनछुए पर्यटन स्थलों को प्रमोट करना चाहते हैं जो अब तक मुख्यधारा से दूर रहे हैं। नेतरहाट की वादियां हों, हुंडरू और जोन्हा जैसे जलप्रपात हों या फिर देवघर का बाबा बैद्यनाथ धाम, धोनी की मौजूदगी वाले विज्ञापनों और अभियानों के जरिए सरकार इन स्थानों की ब्रांडिंग करना चाहती है। धोनी स्वयं प्रकृति प्रेमी रहे हैं और अक्सर रांची के आसपास के इलाकों में समय बिताते देखे जाते हैं, ऐसे में वे इस भूमिका के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प माने जा रहे हैं।
पर्यटन नीति 2026 और भविष्य की रूपरेखा
झारखंड सरकार अपनी नई पर्यटन नीति के तहत राज्य को एक प्रमुख ‘टूरिस्ट हब’ के रूप में विकसित करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। धोनी के ब्रांड एंबेसडर बनने से निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। सरकार की योजना है कि एडवेंचर स्पोर्ट्स और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए, जिसमें धोनी की युवा अपील काफी कारगर साबित हो सकती है। फिलहाल खेल प्रेमी और झारखंड की जनता उस आधिकारिक घोषणा का इंतजार कर रही है, जो माही को पिच के बाद अब पर्यटन के मैदान पर एक नई पारी की शुरुआत करते हुए देखेगी।