AnkitaCase – अंकिता भंडारी केस पर धामी ने विपक्ष पर किए ताबड़तोड़ वार
AnkitaCase – अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर राज्य की राजनीति एक बार फिर गर्म है। आरोप-प्रत्यारोप के इस दौर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्ष पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जिस मामले से एक परिवार की भावनाएं जुड़ी हों, उसे राजनीतिक हथियार बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है। देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकार शुरुआत से ही इस मामले को गंभीरता से देख रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

सरकार की कार्रवाई पर मुख्यमंत्री का पक्ष
मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे ही मामला सामने आया, तत्काल कार्रवाई की गई। जिन लोगों के नाम सामने आए, उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। महिला आईपीएस अधिकारी की अगुवाई में विशेष जांच दल का गठन किया गया और विस्तृत जांच के बाद करीब एक हजार पन्नों की रिपोर्ट अदालत में पेश की गई। उन्होंने बताया कि इस समय तीन आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। उनके अनुसार सरकार ने किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती है।
कैंप कार्यालय में भावुक अपील
कैंट रोड स्थित अपने कैंप कार्यालय में एकल महिला स्वरोजगार योजना के शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री ने इस मामले पर खुलकर बात की। सभागार में मौजूद महिलाओं को संबोधित करते हुए उनका स्वर भावुक हो गया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि एक परिवार की असहनीय पीड़ा का विषय है। सरकार की जिम्मेदारी है कि पीड़ित परिवार को न्याय मिले और समाज में विश्वास कायम रहे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन हर पहलू पर नजर रखे हुए है।
विपक्ष की भूमिका पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग इस संवेदनशील मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए उछाल रहे हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि असली पीड़ा अंकिता के माता-पिता की है, बाकी लोग केवल बयानबाजी कर रहे हैं। उनके अनुसार, जिन नेताओं की अपनी जांच के समय सीबीआई पर सवाल उठते रहे हैं, वे आज निष्पक्ष जांच की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता सब समझती है और राजनीतिक अवसरवाद को पहचानती है।
सीबीआई जांच और वीआईपी एंगल
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अंकिता के माता-पिता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए मामले में सीबीआई जांच शुरू कराई गई है। उन्होंने कहा कि अब जब केंद्रीय एजेंसी जांच कर रही है, तो धैर्य रखना जरूरी है। यदि जांच में किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कानून के तहत सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए समान है और किसी को भी विशेष संरक्षण नहीं दिया जाएगा।
न्याय की प्रक्रिया पर भरोसा रखने की अपील
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने लोगों से संयम रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को अपना काम करने दिया जाए। जल्द ही सच्चाई सामने आएगी और दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल न्याय सुनिश्चित करना है, न कि राजनीतिक बहस में उलझना। राज्य सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और आगे भी पूरी मजबूती से खड़ी रहेगी।



