GoldPrices – मुनाफावसूली से सोना-चांदी में दर्ज हुई गिरावट
GoldPrices – सप्ताह की शुरुआत में वायदा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में नरमी देखी गई। सोमवार सुबह के कारोबार में बहुमूल्य धातुओं पर दबाव बना रहा, जिसके चलते दाम फिसल गए। पिछले सत्र में तेज उछाल के बाद निवेशकों ने मुनाफा समेटना बेहतर समझा, जिसका असर सीधे कीमतों पर दिखा। घरेलू वायदा बाजार में सोना लगभग एक प्रतिशत तक कमजोर हुआ, जबकि चांदी में इससे भी अधिक गिरावट दर्ज की गई।

एमसीएक्स पर सोने और चांदी की चाल
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना घटकर 1,54,743 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास आ गया। इससे पहले इसमें तेज बढ़त देखी गई थी। वहीं मार्च वायदा चांदी में करीब तीन प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज हुई और भाव 2,36,100 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर तक फिसल गए। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि ऊंचे स्तर पर बिकवाली के कारण यह गिरावट आई।
डॉलर की मजबूती का असर
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी डॉलर में मजबूती आने से कीमती धातुओं पर दबाव बना। डॉलर इंडेक्स में हल्की बढ़त के साथ यह 97 के आसपास पहुंच गया। डॉलर मजबूत होने पर अन्य मुद्राओं के धारकों के लिए सोना महंगा हो जाता है, जिससे मांग में कमी आती है। यही वजह है कि वैश्विक बाजार में भी सोने की रफ्तार थमती नजर आई।
महंगाई के आंकड़ों का प्रभाव
अमेरिका में जनवरी महीने के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़े अपेक्षा से कुछ नरम रहे। मासिक आधार पर महंगाई में 0.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले महीने की तुलना में कम रही। सालाना दर भी घटकर 2.4 प्रतिशत पर आ गई। इन आंकड़ों के बाद यह चर्चा तेज हुई कि फेडरल रिजर्व आने वाले महीनों में ब्याज दरों में नरमी बरत सकता है। हालांकि तात्कालिक तौर पर डॉलर की मजबूती ने सोने को सहारा नहीं दिया।
चांदी में तेज गिरावट क्यों
चांदी की कीमतों में सोमवार को उल्लेखनीय गिरावट देखी गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर भी कमजोरी के साथ कारोबार करता नजर आया। विश्लेषकों का मानना है कि हालिया तेजी के बाद निवेशकों ने चांदी में भी मुनाफावसूली की। औद्योगिक मांग और वैश्विक आर्थिक संकेतकों को लेकर सतर्क रुख ने भी दामों पर असर डाला।
वैश्विक बाजार में सोने की स्थिति
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड भी पिछले सत्र की तेजी के बाद फिसला। अमेरिकी वायदा बाजार में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई। अन्य कीमती धातुओं में प्लैटिनम में नरमी रही, जबकि पैलेडियम में मामूली बढ़त देखी गई। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल निवेशक अमेरिकी केंद्रीय बैंक की आगामी नीति बैठक और आर्थिक संकेतकों पर नजर बनाए हुए हैं।
आगे की दिशा पर नजर
विशेषज्ञों का कहना है कि अल्पावधि में सोने और चांदी में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। वैश्विक महंगाई, डॉलर की चाल और ब्याज दरों से जुड़े संकेत इन धातुओं की दिशा तय करेंगे। निवेशकों को त्वरित निर्णय लेने से पहले बाजार के रुझान और जोखिम कारकों का आकलन करना चाहिए।



