FractalAnalyticsIPO – लिस्टिंग से पहले जीएमपी में आई गिरावट
FractalAnalyticsIPO – फ्रैक्टल एनालिटिक्स का आईपीओ आज शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने जा रहा है, लेकिन लिस्टिंग से ठीक पहले ग्रे मार्केट से मिले संकेत निवेशकों के लिए उत्साहजनक नहीं हैं। हालिया रुझानों के मुताबिक, कंपनी का जीएमपी नकारात्मक दायरे में चला गया है। ऐसे में जिन निवेशकों ने प्रीमियम की उम्मीद में आवेदन किया था, वे अब शुरुआती कारोबार को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं।

ग्रे मार्केट में डिस्काउंट के संकेत
बाजार से मिली जानकारी के अनुसार, फ्रैक्टल एनालिटिक्स के शेयर ग्रे मार्केट में इश्यू प्राइस से लगभग 28 रुपये नीचे कारोबार करते दिख रहे हैं। यह करीब तीन प्रतिशत की संभावित छूट के साथ लिस्टिंग का संकेत देता है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले तक इस आईपीओ का जीएमपी काफी मजबूत था और 180 रुपये तक पहुंच गया था। हालांकि मौजूदा समय में रुझान कमजोर दिखाई दे रहे हैं।
सब्सक्रिप्शन का रहा मिला-जुला रुख
तीन दिन की बोली प्रक्रिया के दौरान इस मेनबोर्ड आईपीओ को कुल 2.81 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। संस्थागत निवेशकों की श्रेणी में अच्छी भागीदारी देखी गई, जहां क्यूआईबी वर्ग ने 4.41 गुना आवेदन किया। वहीं रिटेल निवेशकों की हिस्सेदारी अपेक्षाकृत सीमित रही और यह श्रेणी करीब 1.10 गुना सब्सक्राइब हुई। गैर-संस्थागत निवेशकों की श्रेणी में भी लगभग 1.11 गुना मांग दर्ज की गई।
एंकर निवेशकों से मजबूत समर्थन
आईपीओ खुलने से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से पूंजी जुटाई थी। इस प्रक्रिया के तहत लगभग 1248.25 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ। एंकर बुक में भागीदारी को आम तौर पर सकारात्मक संकेत माना जाता है, क्योंकि इससे बड़े निवेशकों का भरोसा झलकता है।
इश्यू का आकार और संरचना
कुल मिलाकर इस आईपीओ का आकार 2840.16 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने 1.14 करोड़ नए शेयर जारी किए, जबकि 2.01 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल के तहत बेचे गए। रिटेल निवेशकों के लिए यह इश्यू 9 से 11 फरवरी 2026 तक खुला रहा। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग बीएसई और एनएसई दोनों एक्सचेंज पर होगी।
प्राइस बैंड और निवेश शर्तें
कंपनी ने प्रति शेयर 900 रुपये का प्राइस बैंड तय किया था। एक लॉट में 16 शेयर निर्धारित किए गए, जिसके चलते न्यूनतम निवेश राशि 14,400 रुपये रही। कर्मचारियों के लिए प्रति शेयर 85 रुपये की छूट भी दी गई थी, जिससे आंतरिक भागीदारी को प्रोत्साहन मिला।
जुटाई गई राशि का उपयोग
आईपीओ से प्राप्त राशि का एक हिस्सा कंपनी अपनी सहायक इकाई में निवेश करेगी। इसके अलावा लैपटॉप की खरीद, तकनीकी ढांचे को मजबूत करने और भारत में नए कार्यालय स्थापित करने पर भी पूंजी खर्च की जाएगी। विस्तार योजनाओं के लिए इस पूंजी का उपयोग कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है।
निवेशकों की नजर लिस्टिंग पर
हालांकि सब्सक्रिप्शन आंकड़े संतुलित रहे, लेकिन जीएमपी में आई हालिया गिरावट ने अल्पकालिक निवेशकों की उम्मीदों को थोड़ा कमजोर किया है। अब बाजार की वास्तविक प्रतिक्रिया लिस्टिंग के समय ही स्पष्ट होगी। विश्लेषकों का मानना है कि शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद ही शेयर की स्थिर दिशा सामने आएगी।



