TourismReopening – पहलगाम हमले के बाद बंद 14 स्थल फिर खुले
TourismReopening – जम्मू-कश्मीर में पर्यटन गतिविधियों को धीरे-धीरे सामान्य करने की दिशा में प्रशासन ने एक और कदम उठाया है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को उन 14 पर्यटन स्थलों को दोबारा खोलने की अनुमति दे दी, जिन्हें पिछले वर्ष अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद एहतियातन बंद कर दिया गया था। उस हमले में 26 लोगों की जान गई थी, जिनमें अधिकतर पर्यटक शामिल थे। घटना के बाद सुरक्षा कारणों से करीब 50 पर्यटन स्थलों पर अस्थायी रोक लगा दी गई थी।

सुरक्षा समीक्षा के बाद निर्णय
उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, व्यापक सुरक्षा समीक्षा और विभिन्न एजेंसियों से विचार-विमर्श के बाद यह फैसला लिया गया है। प्रशासन का कहना है कि जिन स्थानों को फिर से खोला गया है, वहां सुरक्षा प्रबंधों को मजबूत किया गया है और निगरानी व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है।
इस ताजा फैसले के साथ अब तक दो चरणों में कुल 26 पर्यटन स्थल पर्यटकों के लिए दोबारा खोले जा चुके हैं। इससे पहले सितंबर में 12 स्थानों को खोलने की अनुमति दी गई थी। प्रशासन का मानना है कि नियंत्रित और सुरक्षित ढंग से पर्यटन गतिविधियों को बहाल करना स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी है।
कश्मीर संभाग में खुले प्रमुख स्थल
कश्मीर क्षेत्र में जिन 11 स्थानों को तत्काल प्रभाव से खोला गया है, उनमें कोकरनाग का यूसमर्ग, दूधपथरी और दांडीपुरा पार्क शामिल हैं। शोपियां जिले के पीर की गली, दुबजान और पदपावन भी अब पर्यटकों के लिए उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा श्रीनगर का अस्तनपोरा, ट्यूलिप गार्डन और थजवास ग्लेशियर, गांदरबल का हंग पार्क तथा बारामुला के वुलर और वाटलाब को भी सूची में शामिल किया गया है।
कुछ अन्य स्थल जैसे गुरेज, अथवाटू और बंगस को बर्फ हटने के बाद खोला जाएगा। प्रशासन का कहना है कि मौसम की स्थिति सामान्य होते ही इन क्षेत्रों में भी पर्यटकों की आवाजाही शुरू कर दी जाएगी।
जम्मू संभाग के पर्यटन स्थलों को भी राहत
जम्मू क्षेत्र में रियासी का देवी पिंडी, रामबन का महू मंगत और किश्तवाड़ का मुगल मैदान अब फिर से पर्यटकों के लिए सुलभ होंगे। वहीं रामबन स्थित रामकुंड को भी मौसम अनुकूल होने पर खोले जाने की योजना है।
इन स्थानों के दोबारा खुलने से स्थानीय व्यापारियों, होटल संचालकों और गाइडों को राहत मिलने की उम्मीद है। पिछले महीनों में पर्यटन पर लगे प्रतिबंध का असर सीधे तौर पर रोजगार और आय पर पड़ा था।
खेलो इंडिया शीतकालीन खेलों की तैयारी
इसी बीच, गुलमर्ग में 23 फरवरी से शुरू होने वाले खेलो इंडिया शीतकालीन खेलों की तैयारियां भी अंतिम चरण में हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस आयोजन में 700 से अधिक खिलाड़ी और अधिकारी हिस्सा लेंगे।
स्थानीय स्की सहायक मोहम्मद रफीक चेची ने बताया कि इस वर्ष अच्छी बर्फबारी हुई है, जिससे स्कीइंग और स्लेजिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिला है। उनका कहना है कि ऐसे आयोजन स्थानीय लोगों के लिए आय का महत्वपूर्ण स्रोत बनते हैं।
इस वर्ष शीतकालीन खेलों का पहला चरण लद्दाख के लेह में जनवरी के अंत में आयोजित किया गया था। दूसरा चरण 23 से 26 फरवरी तक गुलमर्ग में होगा। युवा सेवाएं और खेल विभाग के अनुसार, सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं और प्रतिभागियों के स्वागत की तैयारी है।
पर्यटन क्षेत्र में भरोसा बहाल करने की कोशिश
प्रशासन का यह कदम सुरक्षा और पर्यटन के बीच संतुलन साधने का प्रयास माना जा रहा है। पहलगाम की घटना के बाद पर्यटकों की संख्या में गिरावट देखी गई थी। अब चरणबद्ध तरीके से स्थलों को खोलकर सरकार भरोसा बहाल करने की कोशिश कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त उपाय किए जाएंगे। पर्यटन को सामान्य पटरी पर लाने की यह प्रक्रिया आने वाले समय में और तेज हो सकती है, यदि हालात स्थिर बने रहते हैं।



