ChardhamYatra – चारधाम ऑनलाइन पंजीकरण पर शुल्क लगाने की तैयारी
ChardhamYatra – उत्तराखंड सरकार ने इस वर्ष चारधाम यात्रा को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया में बदलाव का निर्णय लिया है। अब पंजीकरण के दौरान एक न्यूनतम शुल्क लिया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इससे फर्जी बुकिंग पर रोक लगेगी और यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की वास्तविक संख्या का सही आकलन हो सकेगा। अधिकारियों के अनुसार, इस सप्ताह से नई पंजीकरण व्यवस्था लागू करने की तैयारी है।

बैठक में लिया गया अहम निर्णय
सोमवार को ट्रांजिट कैंप में होटल एसोसिएशन, टूर एंड ट्रेवल्स यूनियन, संयुक्त रोटेशन व्यवस्था से जुड़े प्रतिनिधियों और डंडी-कंडी संचालकों के साथ बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने स्पष्ट किया कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पर शुल्क तय करने के लिए अपर आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है। यही समिति शुल्क की राशि पर अंतिम सिफारिश देगी।
आयुक्त ने कहा कि समिति की रिपोर्ट मिलते ही एक-दो दिनों के भीतर निर्णय लेकर पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
फर्जी पंजीकरण से बढ़ रही थीं दिक्कतें
बैठक में होटल व्यवसायियों ने अपनी चिंताएं भी साझा कीं। उनका कहना था कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु ऑनलाइन पंजीकरण तो करा लेते हैं, लेकिन कई बार यात्रा पर पहुंचते ही नहीं। इससे वास्तविक यात्रियों को दिक्कत होती है, क्योंकि कई बार होटल बुकिंग के बावजूद उनका नाम पंजीकरण सूची में दर्ज नहीं मिल पाता।
इसी समस्या के समाधान के लिए होटल एसोसिएशन ने सुझाव दिया कि पंजीकरण पर नाममात्र का शुल्क लगाया जाए। उनका तर्क था कि जब तक पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क रहेगा, तब तक फर्जी बुकिंग की प्रवृत्ति पर रोक लगाना मुश्किल होगा।
यात्रियों की संख्या सीमित नहीं होगी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शुल्क लागू होने के बावजूद यात्रियों की संख्या पर कोई सीमा नहीं लगाई जाएगी। यात्रा में शामिल होने के लिए पंजीकरण अनिवार्य रहेगा, लेकिन इसका उद्देश्य केवल व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
आयुक्त पांडेय ने कहा कि न्यूनतम शुल्क तय करने का मकसद राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि प्रक्रिया को अधिक जिम्मेदार और पारदर्शी बनाना है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि जो श्रद्धालु पंजीकरण करा रहे हैं, वही वास्तव में यात्रा में शामिल हों।
इसी सप्ताह शुरू हो सकती है प्रक्रिया
सूत्रों के अनुसार, नई ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली इसी सप्ताह शुरू हो सकती है। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे यात्रा की योजना बनाने से पहले अपना पंजीकरण सुनिश्चित कर लें।
अधिकारियों का मानना है कि यह कदम भीड़ प्रबंधन में सहायक होगा और यात्रा मार्ग पर सुविधाओं का बेहतर समन्वय संभव हो सकेगा। होटल बुकिंग, परिवहन और अन्य व्यवस्थाओं में भी स्पष्टता आएगी।
चारधाम यात्रा हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है। ऐसे में सुव्यवस्थित पंजीकरण प्रणाली से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि स्थानीय प्रशासन और पर्यटन से जुड़े व्यवसायों को भी लाभ होगा।



