StockMarket – रिलायंस इंडस्ट्रीज पर एनालिस्ट्स का भरोसा, निवेशकों की नजरें टिकीं
StockMarket – रिलायंस इंडस्ट्रीज के ताजा वित्तीय नतीजों के बाद बाजार में इस शेयर को लेकर सकारात्मक माहौल बनता नजर आ रहा है। अधिकांश ब्रोकरेज फर्म और मार्केट एक्सपर्ट्स कंपनी के भविष्य को लेकर आश्वस्त दिखाई दे रहे हैं। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुल 34 एनालिस्ट्स में से 33 ने इस स्टॉक को खरीदने की सलाह दी है, जबकि केवल एक ने इसमें बिकवाली की राय दी है। इस तरह का व्यापक समर्थन यह संकेत देता है कि निवेशक समुदाय कंपनी की दीर्घकालिक संभावनाओं पर भरोसा बनाए हुए है, भले ही हाल के महीनों में शेयर ने कमजोर प्रदर्शन किया हो।

गोल्डमैन सैक्स का सबसे ऊंचा लक्ष्य मूल्य
अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए सबसे अधिक लक्ष्य मूल्य तय किया है। फर्म ने शेयर का टार्गेट 1,910 रुपये रखा है, जो मौजूदा स्तर से करीब 44 प्रतिशत की संभावित बढ़त को दर्शाता है। इस अनुमान के आधार पर देखा जाए तो निवेशकों के लिए इसमें बेहतर रिटर्न की संभावना बनती है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी के विविध व्यवसाय मॉडल और मजबूत विस्तार योजनाएं इस अनुमान को समर्थन देती हैं।
जियो आईपीओ से जुड़ी उम्मीदें
जापानी ब्रोकरेज नोमुरा ने भी रिलायंस पर अपनी खरीद की रेटिंग बरकरार रखी है और 1,680 रुपये का लक्ष्य मूल्य दिया है। नोमुरा के अनुसार, आने वाले समय में जियो प्लेटफॉर्म्स का संभावित आईपीओ कंपनी के शेयर के लिए अहम ट्रिगर साबित हो सकता है। बाजार की नजरें इसी पर टिकी हैं क्योंकि यह कदम कंपनी के वैल्यूएशन को नई दिशा दे सकता है और निवेशकों का भरोसा और मजबूत कर सकता है।
मॉर्गन स्टैनली का सकारात्मक रुख
मॉर्गन स्टैनली ने रिलायंस इंडस्ट्रीज को ओवरवेट रेटिंग देते हुए 1,803 रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी के केमिकल और एनर्जी कारोबार में सुधार और रिटेल सेगमेंट की बढ़ती आय भविष्य में ग्रोथ को गति दे सकती है। हालिया समय में शेयर की सुस्ती को देखते हुए यह अनुमान निवेशकों के लिए राहत देने वाला माना जा रहा है।
तिमाही नतीजों में दिखीं कुछ चुनौतियां
हालांकि कंपनी के प्रदर्शन में कुछ कमजोरियां भी सामने आई हैं। ऑयल-टू-केमिकल सेगमेंट में मार्जिन अन्य कंपनियों की तुलना में कम रहा है, जिससे मुनाफे पर दबाव पड़ा है। इसके अलावा, अपस्ट्रीम ऑयल और गैस कारोबार में लागत बढ़ने के कारण ईबीआईटीडीए पर असर पड़ा है। इसके बावजूद, रिटेल और एफएमसीजी कारोबार ने बेहतर प्रदर्शन किया है, जिससे कुल परिणाम संतुलित बने रहे।
सीएलएसए ने अनुमान घटाए, पर भरोसा कायम
सीएलएसए ने रिलायंस पर अपनी आउटपरफॉर्म रेटिंग को बरकरार रखा है और 1,800 रुपये का लक्ष्य दिया है। हालांकि ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027 और 2028 के लिए प्रति शेयर आय के अनुमान में करीब 2 प्रतिशत की कटौती की है। इसके बावजूद, कंपनी के अनलिस्टेड व्यवसाय जैसे एफएमसीजी और मीडिया से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जताई गई है। साथ ही, सोलर और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग में नई ऊर्जा परियोजनाओं की शुरुआत को भी सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
रिटेल और O2C में सुधार की उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाली तिमाहियों में रिटेल और O2C सेगमेंट में सुधार रिलायंस के शेयर के लिए अहम भूमिका निभा सकता है। पिछली तिमाही में रिटेल कारोबार में 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो उपभोक्ता मांग में मजबूती को दर्शाता है। वहीं जियो ने ग्राहक जोड़ने के मामले में पिछले सात तिमाहियों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। कंपनी प्रबंधन ने यह भी संकेत दिया है कि जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग की दिशा में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।
शेयर का मौजूदा प्रदर्शन
सप्ताह की शुरुआत में बीएसई पर रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर मामूली गिरावट के साथ करीब 1,327 रुपये के आसपास कारोबार करता देखा गया। साल 2026 की शुरुआत से अब तक यह शेयर लगभग 15.78 प्रतिशत नीचे आ चुका है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट के बावजूद कंपनी की बुनियादी स्थिति मजबूत है और आने वाले समय में इसमें रिकवरी की संभावना बनी हुई है।