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EyeHealth – लंबे स्क्रीन समय के बाद आंखों की देखभाल के आसान उपाय

EyeHealth – आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कंप्यूटर और मोबाइल स्क्रीन से दूरी लगभग असंभव हो गई है। दफ्तर में घंटों लैपटॉप पर काम और उसके बाद मोबाइल पर समय बिताना अब आम दिनचर्या बन चुकी है। विशेषज्ञों के अनुसार लगातार 8 से 10 घंटे तक स्क्रीन देखने से आंखों पर दबाव बढ़ता है, जिससे धुंधलापन, सूखापन और सिरदर्द जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। कम उम्र में ही चश्मा लगना और उसका नंबर बढ़ते जाना भी इसी आदत से जुड़ा माना जा रहा है। हालांकि आंखों की थकान को कम करने के लिए कुछ सरल व्यायाम अपनाए जा सकते हैं, जो घर या कार्यालय में आसानी से किए जा सकते हैं।

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आंखों पर स्क्रीन का असर

लंबे समय तक स्क्रीन पर नजर टिकाए रखने से आंखों की मांसपेशियां थक जाती हैं। पलकें कम झपकने की वजह से आंखों में सूखापन बढ़ता है और जलन महसूस होती है। कई लोग इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन धीरे-धीरे यह परेशानी सिरदर्द और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई का कारण बन सकती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि स्क्रीन पर काम करने के दौरान नियमित अंतराल लेना और आंखों को आराम देना बेहद जरूरी है।

आई पामिंग से मिले राहत

आई पामिंग एक सरल और प्रभावी अभ्यास माना जाता है। इसे करने के लिए दोनों हथेलियों को आपस में रगड़कर हल्की गर्माहट पैदा करें और फिर बंद आंखों पर हल्के से रखें। लगभग दो मिनट तक इस स्थिति में रहें और सामान्य सांस लेते रहें। हथेलियों की गर्माहट आंखों की मांसपेशियों को आराम देती है। दिन में दो से तीन बार यह अभ्यास करने से आंखों की थकान कम हो सकती है।

ब्लिंकिंग अभ्यास का महत्व

स्क्रीन देखते समय लोग अक्सर कम पलक झपकते हैं, जिससे आंखों में सूखापन बढ़ता है। ब्लिंकिंग अभ्यास के तहत आरामदायक मुद्रा में बैठकर तेजी से कुछ सेकंड तक पलकें झपकाएं। इसके बाद आंखें बंद कर हल्का विश्राम करें। इस प्रक्रिया को दो से तीन बार दोहराया जा सकता है। इससे आंखों की नमी बनी रहती है और जलन कम होती है।

इंडेक्स मसाज तकनीक

आंखों के आसपास हल्की मालिश भी लाभकारी मानी जाती है। तर्जनी उंगलियों से भौंहों के ऊपर और किनारों पर धीरे-धीरे गोलाकार गति में मालिश करें। पहले एक आंख के आसपास और फिर दूसरी आंख के आसपास यही प्रक्रिया अपनाएं। इससे रक्त संचार बेहतर होता है और आंखों के आसपास का तनाव घटता है। ध्यान रहे कि दबाव बहुत हल्का हो और आंखों पर सीधे जोर न पड़े।

अप-डाउन थंब अभ्यास

इस अभ्यास में सीधे बैठकर एक हाथ को सामने की ओर सीधा रखें और अंगूठे को ऊपर रखें। अंगूठे को धीरे-धीरे गोल घुमाएं और नजर उसी पर टिकाए रखें। आंखों की पुतलियों को अंगूठे की दिशा में घुमाएं, लेकिन सिर स्थिर रखें। दो से तीन मिनट तक यह अभ्यास किया जा सकता है। इससे आंखों की मांसपेशियों का संतुलन बेहतर होता है और फोकस क्षमता में सुधार आ सकता है।

वी पोज तकनीक

दोनों हाथों की उंगलियों से वी आकार बनाकर आंखों के पास हल्के से रखें। इस दौरान ऊपर की ओर देखें और कुछ सेकंड तक स्थिति बनाए रखें। फिर सामान्य स्थिति में आकर नीचे की ओर नजर करें। इस प्रक्रिया को दो से तीन बार दोहराया जा सकता है। यह अभ्यास आंखों की मांसपेशियों को सक्रिय करता है और लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आई जकड़न को कम करने में सहायक हो सकता है।

नियमित अभ्यास के संभावित लाभ

इन सरल अभ्यासों को दिनचर्या में शामिल करने से आंखों को आराम मिल सकता है और स्क्रीन से होने वाला तनाव घट सकता है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि यदि नजर लगातार धुंधली हो रही हो या सिरदर्द बार-बार हो रहा हो, तो नेत्र विशेषज्ञ से परामर्श लेना आवश्यक है। स्क्रीन से हर 20 मिनट बाद कुछ सेकंड का ब्रेक लेना और पर्याप्त रोशनी में काम करना भी उतना ही जरूरी है। सही आदतें अपनाकर आंखों की सेहत को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

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