BuildingCensus – 25 अप्रैल से घर-घर पूछे जाएंगे 33 सवाल
BuildingCensus – देश में प्रस्तावित भवन गणना की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। जनगणना निदेशालय ने इस बार पूछे जाने वाले 33 सवालों की सूची को अंतिम रूप दे दिया है। 25 अप्रैल से 24 मई तक चलने वाले इस अभियान के दौरान गणनाकार घर-घर जाकर मकान और परिवार से जुड़ी विस्तृत जानकारी जुटाएंगे। इससे पहले 9 अप्रैल से 24 अप्रैल तक नागरिकों को पोर्टल के माध्यम से स्वयं भी अपनी जानकारी दर्ज करने का अवसर दिया जाएगा।

मकान की संरचना से जुड़े प्रश्न
भवन गणना के दौरान घर की बनावट और निर्माण सामग्री को लेकर कई सवाल पूछे जाएंगे। दीवार ईंट की है या पत्थर की, छत कंक्रीट की है या टिन की, फर्श पर टाइल्स हैं या सीमेंट—इन सभी पहलुओं की जानकारी ली जाएगी। मकान कच्चा है या पक्का, यह भी दर्ज किया जाएगा। इसके अलावा यह भी पूछा जाएगा कि परिवार खुद का घर है या किराए पर रह रहा है।
परिवार और सामाजिक विवरण
गणनाकार परिवार के मुखिया का नाम, सदस्यों की संख्या और वैवाहिक स्थिति से संबंधित जानकारी भी नोट करेंगे। विवाहित जोड़ों की संख्या और परिवार में रहने वाले लोगों का ब्योरा फॉर्म में शामिल होगा। अधिकारियों का कहना है कि इन जानकारियों का उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
डिजिटल सुविधाओं पर भी नजर
इस बार सर्वे में डिजिटल साधनों की उपलब्धता को भी महत्व दिया गया है। घर में रेडियो या टेलीविजन है या नहीं, मोबाइल साधारण है या स्मार्टफोन, कंप्यूटर या लैपटॉप उपलब्ध है या नहीं—इन सभी सवालों के जवाब दर्ज किए जाएंगे। इंटरनेट के उपयोग और उससे जुड़ी डिवाइस की जानकारी भी ली जाएगी, ताकि डिजिटल पहुंच की स्थिति का आकलन किया जा सके।
वाहन और बुनियादी सुविधाएं
भवन गणना के दौरान यह भी पूछा जाएगा कि परिवार के पास साइकिल, दोपहिया या चारपहिया वाहन है या नहीं। साथ ही पेयजल का स्रोत क्या है, बिजली की उपलब्धता है या नहीं, और खाना बनाने के लिए किस ईंधन का उपयोग होता है—इन बिंदुओं को भी फॉर्म में शामिल किया गया है। इन आंकड़ों से बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का व्यापक चित्र सामने आएगा।
प्रशिक्षण और गोपनीयता
जनगणना निदेशक के अनुसार सभी गणनाकारों का प्रशिक्षण शुरू हो चुका है, ताकि प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हो सके। प्रत्येक परिवार से मोबाइल नंबर भी लिया जाएगा, जिसका उपयोग केवल आधिकारिक उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि एकत्र की गई जानकारी गोपनीय रहेगी और किसी अन्य प्रयोजन के लिए इस्तेमाल नहीं की जाएगी।
भवन गणना को लेकर प्रशासन का मानना है कि यह प्रक्रिया भविष्य की नीतियों और योजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण आधार साबित होगी। नागरिकों से अपील की गई है कि वे सही और पूरी जानकारी देकर इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।