RenaultSales – फरवरी में रेनो की बिक्री 31% बढ़ी, ट्राइबर ने पकड़ी रफ्तार
RenaultSales – भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में रेनो इंडिया ने एक बार फिर मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। फरवरी 2026 में कंपनी ने 3,495 यूनिट्स की होलसेल बिक्री की, जो पिछले साल इसी महीने के 2,676 यूनिट्स के मुकाबले 31 प्रतिशत अधिक है। यह बढ़ोतरी केवल एक महीने की नहीं है, बल्कि साल 2026 की शुरुआत भी कंपनी के लिए उत्साहजनक रही है। जनवरी और फरवरी को मिलाकर रेनो ने 32 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है, जिससे संकेत मिलता है कि ब्रांड ने बाजार में अपनी रफ्तार दोबारा हासिल कर ली है।

काइगर और ट्राइबर ने संभाली कमान
रेनो की इस प्रगति के पीछे उसके दो प्रमुख मॉडल—काइगर और ट्राइबर—का अहम योगदान रहा है। अपडेटेड फीचर्स और बेहतर डिजाइन के साथ पेश की गई इन गाड़ियों ने ग्राहकों का ध्यान खींचा है। खासतौर पर ट्राइबर ने फरवरी में सालाना आधार पर 57 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की। सात सीटों की सुविधा और किफायती कीमत के कारण यह मॉडल फैमिली कार सेगमेंट में मजबूत विकल्प बनकर उभरा है। काइगर भी कॉम्पैक्ट SUV श्रेणी में अपनी पकड़ बनाए हुए है, जिससे कंपनी की कुल बिक्री को सहारा मिला।
मूल्य और फीचर्स का संतुलन बना ताकत
विशेषज्ञों का मानना है कि रेनो ने अपने मॉडलों में कीमत और फीचर्स के बीच संतुलन बनाकर ग्राहकों का भरोसा फिर से जीता है। ट्राइबर की शुरुआती कीमत 5.76 लाख रुपये से शुरू होती है, जो बड़े परिवारों के लिए इसे एक आकर्षक विकल्प बनाती है। बेहतर माइलेज, आधुनिक इंटीरियर और सुरक्षा सुविधाओं ने इसे प्रतिस्पर्धा में आगे रखा है। इसी तरह काइगर को भी समय-समय पर अपडेट कर कंपनी ने बाजार की बदलती जरूरतों के अनुरूप ढाला है।
तिमाही नतीजों में भी सुधार
फरवरी के आंकड़े अकेले नहीं हैं जो कंपनी के पक्ष में तस्वीर पेश करते हैं। वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में रेनो ने 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की थी, जबकि चौथी तिमाही में यह आंकड़ा 27 प्रतिशत तक पहुंच गया। अब 2026 की शुरुआत 32 प्रतिशत की बढ़त के साथ होना इस बात का संकेत है कि कंपनी लगातार इंडस्ट्री की औसत वृद्धि से आगे चल रही है। यह निरंतर प्रदर्शन ब्रांड की रणनीति और नेटवर्क विस्तार का परिणाम माना जा रहा है।
डस्टर की वापसी से बढ़ी हलचल
बाजार में एक और महत्वपूर्ण चर्चा रेनो डस्टर की वापसी को लेकर है। मिड-साइज SUV सेगमेंट में कभी डस्टर का दबदबा रहा था। कंपनी ने इसके दोबारा लॉन्च की योजना का संकेत दिया है, जिससे डीलरशिप पर ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने लगी है। ऑटो डीलरों का कहना है कि डस्टर को लेकर ग्राहकों में जिज्ञासा और उत्साह साफ देखा जा रहा है। यदि यह मॉडल नए फीचर्स और प्रतिस्पर्धी कीमत के साथ आता है, तो सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा और तेज हो सकती है।
आगे की रणनीति पर नजर
रेनो के सामने अब चुनौती इस गति को बनाए रखने की है। काइगर और ट्राइबर की मांग फिलहाल स्थिर दिखाई दे रही है, लेकिन बाजार में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। आने वाले महीनों में डस्टर की एंट्री कंपनी के लिए निर्णायक साबित हो सकती है। उद्योग विश्लेषकों का मानना है कि यदि रेनो ने प्रोडक्ट अपडेट और डीलर नेटवर्क को मजबूत रखा, तो 2026 उसके लिए विस्तार का वर्ष बन सकता है।
कुल मिलाकर, फरवरी के आंकड़े यह दर्शाते हैं कि रेनो इंडिया ने बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। ग्राहकों की बदलती पसंद को समझते हुए कंपनी ने जिन मॉडलों पर ध्यान केंद्रित किया, वही अब उसकी बिक्री में वृद्धि का आधार बन रहे हैं।



