MerchantNavy – ईरान की जेल से रिहा हुआ भारतीय इंजीनियर, परिवार ने ली राहत की सांस
MerchantNavy – अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनावपूर्ण हालात के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है। गाजियाबाद के रहने वाले मर्चेंट नेवी इंजीनियर केतन मेहता को ईरान की जेल से रिहा कर दिया गया है। फिलहाल वह ईरान में भारतीय दूतावास की देखरेख में सुरक्षित हैं। परिवार ने बताया कि यह खबर मिलने के बाद उनकी चिंता काफी हद तक कम हुई है, हालांकि बेटे के भारत लौटने का इंतजार अभी भी बना हुआ है।

जहाज को रोके जाने के बाद हिरासत में लिया गया था चालक दल
गाजियाबाद की डीएलएफ कॉलोनी निवासी केतन मेहता दुबई स्थित एक शिपिंग कंपनी में मर्चेंट नेवी इंजीनियर के तौर पर कार्यरत हैं। उनका कॉन्ट्रैक्ट दिसंबर 2025 में पूरा हो गया था और वह भारत लौटने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान 8 दिसंबर 2025 को उनका जहाज एमटी वैलियंट रोअर ईरान के तट के पास पहुंचा, जहां ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने जहाज को रोक लिया।
बताया गया कि जहाज पर ईंधन तस्करी के संदेह में कार्रवाई की गई और पूरे चालक दल को हिरासत में ले लिया गया। जहाज पर कुल 18 लोग सवार थे, जिनमें से 16 भारतीय नागरिक थे। शुरुआती जांच के बाद आठ लोगों को रिहा कर दिया गया, लेकिन केतन मेहता सहित आठ सदस्य ईरान की जेल में ही रखे गए थे। इस घटना के बाद परिवार और स्थानीय प्रशासन लगातार उनकी सुरक्षित वापसी के लिए प्रयास कर रहे थे।
भारतीय दूतावास लगातार परिवार से करता रहा संपर्क
केतन मेहता के पिता मुकेश मेहता ने बताया कि पूरी अवधि के दौरान भारतीय दूतावास के अधिकारी उनके संपर्क में बने रहे। दूतावास की ओर से समय-समय पर स्थिति की जानकारी दी जाती रही, जिससे परिवार को उम्मीद बनी रही कि जल्द ही कोई सकारात्मक खबर मिलेगी।
दो दिन पहले परिवार को जानकारी मिली कि केतन और उनके सात साथियों को अदालत से जमानत मिल गई है। इसके बाद सभी को जेल से रिहा कर दिया गया। फिलहाल उन्हें भारतीय दूतावास ने अपने संरक्षण में एक होटल में ठहराया हुआ है। मुकेश मेहता के अनुसार यह खबर सुनकर परिवार को काफी राहत मिली है, लेकिन पूरी तसल्ली तब होगी जब केतन सुरक्षित घर लौट आएंगे।
युद्ध के बीच विदेश में फंसे अन्य भारतीयों की चिंता
क्षेत्र के कुछ अन्य परिवार भी इस समय अपने परिजनों को लेकर चिंतित हैं, जो दुबई में काम या यात्रा के सिलसिले में गए हुए हैं। वसुंधरा निवासी 27 वर्षीय नीतीश खांकरियाल इसी साल 9 फरवरी 2026 को नौकरी के लिए दुबई गए थे। इसके कुछ ही समय बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ने के कारण उनकी वापसी फिलहाल टल गई है।
नीतीश के परिवार वालों ने बताया कि उनका भारत लौटने का टिकट 29 मार्च का है और वे चाहते हैं कि स्थिति पूरी तरह सामान्य होने के बाद वह सुरक्षित घर लौट आएं। परिवार लगातार उनसे संपर्क में है और हालात पर नजर बनाए हुए है।
सामान्य होते हालात से परिवारों को उम्मीद
इसी तरह इंदिरापुरम की रहने वाली मीरा शर्मा भी तीन महीने के विजिटिंग वीजा पर दुबई गई थीं। वह अपने बेटे मनीष कुमार और बहू शीलू के पास रहने गई थीं, लेकिन क्षेत्र में तनाव बढ़ने के कारण उनकी वापसी फिलहाल संभव नहीं हो सकी।
परिवार के सदस्यों का कहना है कि हाल ही में यह जानकारी मिली है कि दुबई में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। इससे उम्मीद जगी है कि आने वाले दिनों में यात्रा व्यवस्था बेहतर होगी और विदेश में फंसे लोग सुरक्षित अपने घर लौट सकेंगे।
केतन मेहता की रिहाई की खबर ने न केवल उनके परिवार बल्कि आसपास के लोगों को भी राहत दी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद वह जल्द भारत लौट सकें।



