TeamIndia – वर्ल्ड कप ट्रॉफी मंदिर ले जाने पर बयान से बढ़ी बहस
TeamIndia – टी20 विश्व कप जीतने के बाद भारतीय टीम के जश्न से जुड़ा एक मामला चर्चा का विषय बन गया है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खिताब जीतने के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव, मुख्य कोच गौतम गंभीर और आईसीसी के चेयरमैन जय शाह ट्रॉफी लेकर पास स्थित हनुमान मंदिर पहुंचे थे। इस घटना को लेकर पूर्व भारतीय क्रिकेटर और वर्तमान सांसद कीर्ति आजाद ने सवाल उठाए, जिसके बाद क्रिकेट जगत में इस विषय पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।

कीर्ति आजाद के बयान से शुरू हुई बहस
पूर्व विश्व कप विजेता टीम के सदस्य कीर्ति आजाद ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि भारतीय टीम को ट्रॉफी मंदिर ले जाने के बजाय सभी धर्मों का सम्मान दिखाना चाहिए था। उन्होंने सवाल उठाया कि ट्रॉफी को किसी मस्जिद, चर्च या गुरुद्वारे में क्यों नहीं ले जाया गया।
उनका कहना था कि विश्व कप की जीत पूरे देश की उपलब्धि होती है और यह किसी एक धर्म से जुड़ी नहीं होनी चाहिए। इस बयान के बाद सोशल मीडिया और क्रिकेट जगत में इस विषय पर बहस शुरू हो गई। कई लोगों ने आजाद के बयान का समर्थन किया, तो कई पूर्व खिलाड़ियों ने इसे अनावश्यक विवाद बताया।
खिलाड़ियों की ओर से आई प्रतिक्रियाएं
कीर्ति आजाद के बयान पर सबसे पहले युवा क्रिकेटर ईशान किशन की प्रतिक्रिया सामने आई थी। उन्होंने कहा था कि ऐसे सवालों के बजाय खेल से जुड़े सकारात्मक मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।
इसके बाद पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह के बयान देना उचित नहीं है और इसे अनावश्यक रूप से विवाद का रूप दिया जा रहा है।
हरभजन सिंह के मुताबिक, किसी भी खिलाड़ी या टीम को अपने विश्वास के अनुसार आस्था प्रकट करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि अगर किसी ने अपने विश्वास के अनुसार किसी धार्मिक स्थान पर जाकर धन्यवाद दिया है, तो उसमें गलत बात नहीं देखी जानी चाहिए।
हरभजन सिंह ने दी स्पष्ट प्रतिक्रिया
एक समाचार एजेंसी से बातचीत में हरभजन सिंह ने कहा कि इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देना ठीक नहीं है। उनके अनुसार भारतीय टीम चाहें तो मंदिर, मस्जिद, चर्च या किसी भी धार्मिक स्थल पर जा सकती है, क्योंकि यह पूरी तरह व्यक्तिगत आस्था का विषय है।
उन्होंने कहा कि अगर खिलाड़ियों ने अपनी जीत के बाद भगवान का धन्यवाद करने के लिए मंदिर का रुख किया, तो इसे गलत नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, देश की बड़ी उपलब्धि पर विवाद खड़ा करने के बजाय खुशी मनाना ज्यादा जरूरी है।
हरभजन सिंह ने यह भी कहा कि भारत ने विश्व कप जीता है और इस जीत पर पूरे देश को गर्व होना चाहिए।
खेल से ज्यादा राजनीति पर ध्यान का आरोप
पूर्व स्पिनर ने यह भी कहा कि एक खिलाड़ी के रूप में इस तरह के बयान सुनना निराशाजनक लगता है। उनके अनुसार खेल की उपलब्धियों को लेकर विवाद पैदा करने से बेहतर है कि देश की सफलता का सम्मान किया जाए।
उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश में अलग-अलग धर्मों के लोग रहते हैं, लेकिन सभी के मूल विचार एक जैसे हैं। भगवान के नाम और पूजा के तरीके भले अलग हों, लेकिन विश्वास और सम्मान का भाव समान होता है।
हरभजन सिंह के अनुसार, किसी भी खिलाड़ी की व्यक्तिगत आस्था पर सवाल उठाने के बजाय खेल की उपलब्धियों पर ध्यान देना ज्यादा उचित होगा।



