UmeshPalCase – फरार आरोपियों की तलाश तेज, शाइस्ता और जैनब मोस्ट वांटेड सूची में संभव
UmeshPalCase – प्रयागराज में चर्चित उमेश पाल हत्याकांड से जुड़े फरार आरोपियों की तलाश को लेकर पुलिस और जांच एजेंसियों ने गतिविधियां तेज कर दी हैं। हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात में आर्थिक अपराध के आरोपी राशिद नसीम की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान उन अपराधियों पर भी गया है, जिनके विदेश में छिपे होने की आशंका जताई जा रही है। इसी क्रम में पुलिस अब इस मामले से जुड़े कुछ अन्य फरार लोगों के नाम राज्य की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल करने पर विचार कर रही है।

मोस्ट वांटेड सूची में नए नाम जोड़ने की तैयारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार पहले से घोषित कुछ वांछित आरोपियों के साथ अब दो और नाम सूची में जोड़ने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इनमें अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ से जुड़े परिवार के सदस्य भी शामिल बताए जा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक शाइस्ता परवीन और जैनब फातिमा को मोस्ट वांटेड सूची में शामिल करने की सिफारिश की जा सकती है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि ये दोनों लंबे समय से फरार हैं और संभव है कि विदेश में रहकर कुछ आपराधिक नेटवर्क से जुड़े लोगों के संपर्क में हों।
इनाम की राशि बढ़ाने पर विचार
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए घोषित इनाम की राशि में भी बदलाव पर विचार किया जा रहा है। फिलहाल शाइस्ता परवीन पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित है, जबकि जैनब फातिमा और आयशा के नाम पर 25-25 हजार रुपये का इनाम रखा गया है।
सूत्रों के अनुसार प्रस्ताव है कि शाइस्ता पर इनाम बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया जाए, जबकि अन्य आरोपियों पर दो-दो लाख रुपये तक का इनाम तय किया जा सकता है। इससे पुलिस को उम्मीद है कि आरोपियों के बारे में जानकारी देने वालों की संख्या बढ़ सकती है।
हत्या के तीन साल बाद भी फरार मुख्य आरोपी
उमेश पाल और दो पुलिसकर्मियों की दिनदहाड़े हत्या को करीब तीन वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन मामले के कई प्रमुख आरोपी अब भी गिरफ्त से बाहर हैं। इस घटना ने उस समय प्रदेश भर में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे।
जांच एजेंसियों के मुताबिक मामले में शामिल कुछ आरोपियों के देश से बाहर जाने की आशंका भी जताई गई है। पुलिस को जानकारी मिली है कि एक आरोपी ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे विदेश यात्रा की थी।
आपराधिक नेटवर्क पर भी नजर
जांच एजेंसियां केवल फरार आरोपियों की तलाश ही नहीं कर रही हैं, बल्कि उनसे जुड़े संभावित नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इस गिरोह से जुड़े कई सक्रिय सदस्य और सहयोगी अलग-अलग स्थानों पर मौजूद हो सकते हैं।
इसी वजह से एजेंसियां वित्तीय लेनदेन और संपर्कों की भी जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं बाहर से किसी प्रकार की मदद तो नहीं मिल रही है।
आर्थिक अपराध के मामले ने बढ़ाई सतर्कता
इस बीच हाल ही में आर्थिक अपराध से जुड़े एक अन्य मामले में आरोपी राशिद नसीम की विदेश में गिरफ्तारी भी चर्चा में रही है। उस पर करोड़ों रुपये की ठगी का आरोप था और लंबे समय से वह फरार चल रहा था।
हालांकि गिरफ्तारी के बाद भी उसका नाम कुछ सरकारी रिकॉर्ड में अब तक अपडेट नहीं हुआ है। सूत्रों का कहना है कि संबंधित सूची को जल्द ही संशोधित किया जाएगा, ताकि वर्तमान स्थिति के अनुसार रिकॉर्ड को अद्यतन किया जा सके।
जांच एजेंसियां लगातार कर रही निगरानी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश के लिए कई स्तरों पर कार्रवाई जारी है। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ अन्य एजेंसियां भी मामले से जुड़े सुरागों पर काम कर रही हैं।
जांच का उद्देश्य केवल आरोपियों को पकड़ना ही नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क और संभावित सहयोगियों की पहचान करना भी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच प्रक्रिया के दौरान जो भी नई जानकारी सामने आएगी, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



