AviationUpdate – पश्चिम एशिया तनाव के बीच फिर शुरू हुई दुबई उड़ानें
AviationUpdate – पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच विमानन सेवाएं धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगी हैं। हालात की समीक्षा के बाद प्रमुख भारतीय एयरलाइनों ने सीमित स्तर पर उड़ानों का संचालन फिर से शुरू करने का फैसला किया है। एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और इंडिगो ने दुबई के लिए अपनी सेवाएं बहाल करने की घोषणा की है, जिससे यात्रियों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, सुरक्षा कारणों से उड़ानों का संचालन अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ है और इसे चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।

दुबई के लिए उड़ानों की बहाली
एयर इंडिया समूह ने बताया कि 19 मार्च को पश्चिम एशिया के लिए कुल 48 उड़ानें संचालित की जाएंगी। इनमें 16 नियमित और 32 अतिरिक्त उड़ानें शामिल हैं, जिनका उद्देश्य यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करना है। दुबई इस समय प्रमुख गंतव्य के रूप में उभरा है, जहां के लिए सेवाएं प्राथमिकता के आधार पर शुरू की गई हैं। इंडिगो ने भी दुबई के लिए उड़ानों की बहाली की पुष्टि की है और कहा है कि यह निर्णय स्थानीय विमानन प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के बाद लिया गया।
एयरलाइनों का सतर्क रुख
विमानन कंपनियां फिलहाल सावधानी बरतते हुए सीमित उड़ानें ही चला रही हैं। एयरस्पेस में लागू प्रतिबंधों और सुरक्षा हालात को देखते हुए हर कदम सोच-समझकर उठाया जा रहा है। इंडिगो ने जानकारी दी कि दुबई के लिए सेवाएं 18 मार्च से फिर शुरू कर दी गई हैं, लेकिन यात्रियों को यात्रा से पहले ताजा अपडेट जरूर जांचने की सलाह दी गई है। एयरलाइनों का कहना है कि स्थिति के अनुसार शेड्यूल में बदलाव संभव है।
अकासा एयर ने भी शुरू की सेवाएं
निजी विमानन कंपनी अकासा एयर ने भी कुछ अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर अपनी सेवाएं फिर से शुरू करने का ऐलान किया है। कंपनी के अनुसार, मुंबई से रियाद के बीच उड़ानें दोबारा शुरू की जा रही हैं। इसके अलावा जेद्दा से अहमदाबाद, बेंगलुरु, मुंबई, कोच्चि और कोझिकोड के लिए सेवाएं जारी रहेंगी। यह फैसला यात्रियों की जरूरत और मौजूदा सुरक्षा स्थिति को ध्यान में रखकर लिया गया है।
कुछ मार्गों पर अभी भी रोक जारी
जहां एक ओर कुछ उड़ानें शुरू की जा रही हैं, वहीं अबू धाबी, दोहा और कुवैत के लिए सेवाएं फिलहाल निलंबित रखी गई हैं। एयरलाइनों ने स्पष्ट किया है कि इन मार्गों पर 21 मार्च तक उड़ानें संचालित नहीं होंगी। क्षेत्र में जारी संघर्ष और हवाई क्षेत्र पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण यह निर्णय लिया गया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाते समय इन प्रतिबंधों का ध्यान रखें।
संघर्ष का विमानन पर असर
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर विमानन सेवाओं पर पड़ा है। 28 फरवरी से शुरू हुए इस संघर्ष के बाद कई देशों ने अपने हवाई क्षेत्र में पाबंदियां लगा दी थीं, जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों को अपनी यात्रा योजनाएं बदलनी पड़ीं और कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।
भारत लौटे लाखों यात्री
इस संकट के बीच अब तक लगभग 2.6 लाख लोग पश्चिम एशिया से भारत लौट चुके हैं। सरकार और एयरलाइनों ने मिलकर यात्रियों को सुरक्षित वापस लाने के प्रयास किए हैं। धीरे-धीरे उड़ानों की बहाली से उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में स्थिति और बेहतर होगी तथा अंतरराष्ट्रीय यात्रा फिर से सामान्य हो सकेगी।



