AyodhyaVisit – नववर्ष पर राष्ट्रपति मुर्मु का राम मंदिर आगमन आज
AyodhyaVisit – हिंदू नववर्ष और वासंतिक नवरात्र के शुभ अवसर पर गुरुवार को अयोध्या में विशेष धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का राम मंदिर पहुंचना तय है। यह उनका मंदिर परिसर का महत्वपूर्ण दौरा माना जा रहा है, जिसमें वे विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेंगी। प्रशासन ने इस कार्यक्रम को लेकर व्यापक तैयारियां की हैं और सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं।

निर्धारित कार्यक्रम और आगमन का समय
राष्ट्रपति का आगमन पूर्वाह्न करीब 11 बजे निर्धारित है। वह सेना के विमान से महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरेंगी और वहां से सड़क मार्ग से सीधे मंदिर परिसर पहुंचेंगी। अधिकारियों के अनुसार, समय में मामूली बदलाव संभव है, लेकिन कार्यक्रम लगभग तय समयानुसार ही आयोजित किया जाएगा। मंदिर पहुंचने के बाद उनका स्वागत निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत किया जाएगा।
मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठान
दौरे के दौरान राष्ट्रपति सबसे पहले मंदिर परिसर में स्थित विभिन्न मंडपों का दर्शन करेंगी। इसके बाद वे रामायण से जुड़े प्रमुख पात्रों और ऋषियों के प्रतीक स्थलों पर भी जाएंगी। कार्यक्रम में माता शबरी के पूजन सहित कई धार्मिक क्रियाएं शामिल हैं। इसके बाद वे रामलला के दर्शन करेंगी और प्रथम तल पर राम परिवार की आरती में भाग लेंगी। साथ ही श्रीराम यंत्र की स्थापना से जुड़े अनुष्ठान में भी शामिल होंगी।
विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी
इस अवसर पर कई प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति भी रहेगी। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य गणमान्य व्यक्ति कार्यक्रम में शामिल होंगे। साथ ही आध्यात्मिक जगत से जुड़े प्रमुख संत भी इस आयोजन का हिस्सा बनेंगे। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति संक्षिप्त संबोधन भी दे सकती हैं।
विशेष अनुष्ठान का समापन
मंदिर परिसर में चल रहे सात दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का समापन भी राष्ट्रपति के हाथों होगा। श्रीराम नाम से अंकित विशेष पट्टिका और यंत्र की स्थापना पहले ही पूरी की जा चुकी है, जिसका विधिवत पूजन आज संपन्न कराया जाएगा। इसके बाद हवन के साथ अनुष्ठान की पूर्णाहुति की जाएगी।
यातायात व्यवस्था में बदलाव
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। विशेष रूप से भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं, ताकि सुरक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित किया जा सके। लखनऊ, बाराबंकी और गोरखपुर मार्ग पर चलने वाले वाहनों को अलग-अलग रूट से डायवर्ट किया जाएगा।
प्रशासन की तैयारियां पूरी
स्थानीय प्रशासन ने कार्यक्रम को लेकर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी बनाए हुए हैं और मंदिर परिसर में विशेष इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रवेश व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।