बिहार

PanchayatElections – बिहार में पंचायत चुनाव 2026 की तैयारी तेज

PanchayatElections – बिहार में पंचायत चुनाव 2026 को लेकर तैयारियां अब औपचारिक रूप से शुरू हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने सबसे पहले प्रशासनिक स्तर पर जिम्मेदारियां तय करते हुए जिलों में अधिकारियों की नियुक्ति कर दी है। आयोग के निर्देश के अनुसार, हर जिले के जिलाधिकारी को पंचायत चुनाव के लिए जिला निर्वाचन पदाधिकारी बनाया गया है। इससे यह साफ हो गया है कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर प्रारंभिक कदम उठाए जा चुके हैं और आने वाले महीनों में गतिविधियां और तेज होंगी।

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जिला स्तर पर जिम्मेदारियां तय
निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिला पंचायत राज पदाधिकारी को संबंधित जिले में उप निर्वाचन पदाधिकारी की भूमिका दी गई है। इन नियुक्तियों की जानकारी राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचा दी गई है, ताकि चुनाव की तैयारियों में समन्वय बना रहे। प्रशासनिक ढांचा तैयार होने के बाद अब अन्य प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।

पहली बार ईवीएम से होगा मतदान
इस बार पंचायत चुनाव कई मायनों में अलग होने जा रहे हैं। पहली बार मतदान के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन का उपयोग किया जाएगा। अब तक ग्रामीण क्षेत्रों में बैलेट पेपर से मतदान होता था, लेकिन इस बार तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है। मल्टी पोस्ट ईवीएम की व्यवस्था की जाएगी, जिसमें एक ही मशीन के जरिए मतदाता अलग-अलग पदों के लिए वोट डाल सकेंगे।

एक ही जगह से कई पदों पर मतदान
नई व्यवस्था के तहत ईवीएम में कई बैलेट यूनिट जुड़ी होंगी, जिनके माध्यम से वार्ड सदस्य, मुखिया और सरपंच जैसे पदों के लिए मतदान एक ही स्थान पर संभव होगा। इससे मतदान प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इससे मतदाताओं को सुविधा मिलेगी और मतदान प्रतिशत भी बढ़ सकता है।

फर्जी मतदान रोकने के लिए तकनीक का सहारा
चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए इस बार नई तकनीक का इस्तेमाल भी किया जाएगा। बूथ स्तर पर फेस पहचान प्रणाली लगाने की योजना है, जिससे एक ही व्यक्ति द्वारा दोबारा मतदान करने की कोशिश को रोका जा सके। यदि कोई मतदाता दोबारा वोट डालने का प्रयास करता है, तो कैमरे के जरिए उसकी पहचान कर ली जाएगी।

आरक्षण रोस्टर में होगा बदलाव
चुनाव से पहले आरक्षण व्यवस्था में भी बदलाव किया जाएगा। इसके लिए आयोग ने जिलों से विस्तृत आंकड़े मांगे हैं, जिनके आधार पर नया रोस्टर तैयार किया जाएगा। नियमों के अनुसार, यह प्रक्रिया निर्धारित समय अंतराल पर की जाती है, ताकि विभिन्न वर्गों को प्रतिनिधित्व मिल सके।

पुराने परिसीमन पर ही चुनाव
इस बार पंचायत चुनाव पुराने परिसीमन के आधार पर ही कराए जाएंगे। चुनाव क्षेत्रों की सीमाओं में कोई बदलाव नहीं किया गया है। राज्यभर में लगभग ढाई लाख पदों के लिए मतदान होना है, जिसमें ग्राम पंचायत से लेकर जिला परिषद तक के विभिन्न पद शामिल हैं।

नवंबर-दिसंबर में संभावित मतदान
निर्वाचन आयोग के अनुसार, पंचायत चुनाव की प्रक्रिया नवंबर और दिसंबर के बीच पूरी कराई जा सकती है। फिलहाल प्रशासनिक तैयारियों पर जोर दिया जा रहा है, ताकि चुनाव शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।

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