FestivalUpdate – सरहुल और रामनवमी पर बिजली आपूर्ति रहेगी जारी
FestivalUpdate – रांची में सरहुल और श्रीरामनवमी के अवसर पर इस बार श्रद्धालुओं को बिजली कटौती की परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी। विद्युत विभाग ने स्पष्ट किया है कि 21 मार्च को सरहुल शोभायात्रा और 26 मार्च को रामनवमी के दिन बिजली आपूर्ति बाधित नहीं की जाएगी। हालांकि, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनका पालन सभी आयोजकों और आम लोगों के लिए अनिवार्य होगा।

बिजली विभाग ने जारी किए सुरक्षा निर्देश
रांची विद्युत आपूर्ति अंचल के अधीक्षण अभियंता डीएन साहू ने बताया कि उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार इन त्योहारों के दौरान बिजली बंद नहीं की जाएगी। लेकिन किसी भी तरह की दुर्घटना से बचने के लिए आयोजकों को सावधानी बरतनी होगी। विभाग ने आठ बिंदुओं वाली गाइडलाइन जारी करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों के संपर्क नंबर भी सार्वजनिक किए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके।
ऊंचाई और सुरक्षा से जुड़े नियम तय
निर्देशों के मुताबिक, शोभायात्रा में शामिल झंडे, झांकियां, वाहन और साउंड सिस्टम की ऊंचाई चार मीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए। बिजली के तारों और उपकरणों के पास विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। बड़े वाहनों की छत पर किसी व्यक्ति के बैठने और ऊंचे झंडे लगाने पर भी रोक लगाई गई है, ताकि हादसे की आशंका कम की जा सके।
स्वयंसेवकों की जिम्मेदारी बढ़ी
प्रशासन ने आयोजन समितियों से अपील की है कि वे अपने स्वयंसेवकों को सक्रिय रखें, जो जुलूस के दौरान निगरानी करते रहें। आम लोगों से भी आग्रह किया गया है कि वे बिजली के तारों या उपकरणों के संपर्क में आने से बचें और किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें। इसके अलावा, बड़े या अत्यधिक ऊंचे वाहनों के उपयोग से बचने की सलाह दी गई है।
एसओपी का पालन अनिवार्य
शोभायात्रा से जुड़े सभी आयोजकों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य किया गया है। प्रशासन का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य त्योहारों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है। किसी भी तरह की अनदेखी से दुर्घटनाएं हो सकती हैं, इसलिए सभी से सहयोग की अपेक्षा की गई है।
सरहुल आयोजन को लेकर तैयारियां तेज
इस बीच सरहुल पर्व को लेकर भी तैयारियां जोरों पर हैं। केंद्रीय सरना समिति की बैठक में पारंपरिक विधियों और कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई। तय कार्यक्रम के अनुसार, पूजा से पहले पारंपरिक अनुष्ठान किए जाएंगे और फिर शोभायात्रा निकाली जाएगी।
प्रशासन और आयोजकों का कहना है कि सभी नियमों का पालन करते हुए इस बार त्योहार को सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से मनाने की तैयारी की गई है।