RBIUpdate – पटना में हुई बैठक में उत्कर्ष 3.0 को मिली मंजूरी
RBIUpdate – भारतीय रिजर्व बैंक के केंद्रीय निदेशक मंडल की बैठक आठ वर्षों के अंतराल के बाद पटना में आयोजित की गई, जिसे आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस बैठक में आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान देश की आर्थिक स्थिति, वित्तीय चुनौतियों और भविष्य की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। पटना दौरे के दौरान गवर्नर ने बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से भी मुलाकात की, जिसमें राज्य के विकास और आर्थिक संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ।

उत्कर्ष 3.0 को मिली मंजूरी
बैठक का मुख्य आकर्षण आरबीआई की नई रणनीतिक योजना ‘उत्कर्ष 3.0’ को मंजूरी देना रहा। यह योजना आने वाले तीन वर्षों के लिए केंद्रीय बैंक का मार्गदर्शक दस्तावेज होगी। इसके तहत वित्तीय प्रणाली को अधिक मजबूत बनाने, डिजिटल नवाचार को बढ़ावा देने और नई तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया गया है। डिजिटल भुगतान के विस्तार और केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा को आगे बढ़ाने जैसे कदम भी इस योजना का हिस्सा हैं।
वैश्विक और घरेलू अर्थव्यवस्था की समीक्षा
बैठक में बदलते वैश्विक हालात और उनके भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों पर भी चर्चा हुई। भू-राजनीतिक घटनाक्रम, वित्तीय बाजारों में उतार-चढ़ाव और उनसे जुड़ी चुनौतियों का विश्लेषण किया गया। इसके साथ ही आगामी वित्तीय वर्ष के लिए बजट को भी मंजूरी दी गई, जिससे बैंक की नीतिगत दिशा स्पष्ट होती है।
वित्तीय स्थिरता और निगरानी पर जोर
नई रणनीति के तहत मुद्रास्फीति नियंत्रण, बैंकिंग प्रणाली की निगरानी और वित्तीय स्थिरता को प्राथमिकता दी गई है। गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों की निगरानी को मजबूत करने और जोखिम प्रबंधन तंत्र को बेहतर बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा, नीति निर्माण में डेटा और आधुनिक विश्लेषण तकनीकों के उपयोग को बढ़ाने की योजना बनाई गई है।
तकनीकी सुधार और पारदर्शिता पर फोकस
आरबीआई ने अपने आंतरिक ढांचे में सुधार, पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ाने को भी इस रणनीति का अहम हिस्सा बनाया है। रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम को मजबूत करने और मानव संसाधन क्षमता को विकसित करने पर भी जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य तेजी से बदलते आर्थिक माहौल में संस्थान को अधिक सक्षम बनाना है।
राज्य स्तर पर विकास पर चर्चा
पटना में आयोजित इस बैठक के दौरान राज्य सरकार के साथ भी संवाद हुआ, जिसमें बिहार के आर्थिक विकास और निवेश संभावनाओं पर सकारात्मक चर्चा की गई। इसे केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
यह बैठक और इससे जुड़े निर्णय आने वाले वर्षों में देश की वित्तीय प्रणाली को अधिक आधुनिक, सुरक्षित और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।