PrithviShaw – टीम इंडिया में वापसी के लिए तीन गुना अधिक मेहनत कर रहे शॉ
PrithviShaw – भारतीय क्रिकेट में अपनी धमाकेदार शुरुआत के बाद लंबे समय से टीम से बाहर चल रहे पृथ्वी शॉ अब वापसी के लिए पूरी ताकत झोंकते नजर आ रहे हैं। आईपीएल के आगामी सीजन में दिल्ली कैपिटल्स के साथ वापसी कर रहे इस युवा बल्लेबाज ने साफ कहा है कि वह राष्ट्रीय टीम में दोबारा जगह बनाने के लिए पहले से कहीं ज्यादा मेहनत कर रहे हैं।

वापसी की राह आसान नहीं
पृथ्वी शॉ ने आखिरी बार जुलाई 2021 में श्रीलंका दौरे पर भारत का प्रतिनिधित्व किया था। इसके बाद उनका करियर कई उतार-चढ़ाव से गुजरा। चोट, फॉर्म में गिरावट और कुछ अन्य कारणों की वजह से वह टीम इंडिया से दूर हो गए। आईपीएल 2025 की नीलामी में भी उन्हें किसी टीम ने नहीं खरीदा, जो उनके लिए एक बड़ा झटका था। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन कर खुद को साबित करने की कोशिश जारी रखी।
मेहनत को बनाया हथियार
हाल ही में बातचीत के दौरान शॉ ने बताया कि वह अब पहले से कहीं ज्यादा अनुशासन और मेहनत के साथ खेल रहे हैं। उनका कहना है कि टीम इंडिया में वापसी ही उनका सबसे बड़ा लक्ष्य है और इसके लिए वह अपनी तैयारी में कोई कमी नहीं छोड़ रहे। उन्होंने यह भी कहा कि अब वह अपनी ट्रेनिंग और फिटनेस पर पहले से ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
शानदार शुरुआत, फिर गिरावट
पृथ्वी शॉ ने 2018 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट डेब्यू में शतक लगाकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार एंट्री की थी। उस पारी ने उन्हें भारतीय क्रिकेट का उभरता सितारा बना दिया था। वह टेस्ट में डेब्यू पर शतक लगाने वाले सबसे युवा भारतीय बल्लेबाजों में शामिल हो गए थे। लेकिन इसके बाद उनका प्रदर्शन लगातार एक जैसा नहीं रह सका और धीरे-धीरे वह टीम से बाहर हो गए।
दिल्ली कैपिटल्स के साथ नई शुरुआत
आईपीएल 2026 में दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें 75 लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल किया है। शॉ इसे अपने करियर का नया अध्याय मान रहे हैं। उनका कहना है कि पिछली बातें अब बीत चुकी हैं और वह सिर्फ वर्तमान पर ध्यान देना चाहते हैं। टीम में वापसी को लेकर वह उत्साहित हैं और इसे खुद को साबित करने का बेहतरीन मौका मानते हैं।
टीम में प्रतिस्पर्धा को लेकर साफ सोच
टीम में केएल राहुल जैसे अनुभवी खिलाड़ी की मौजूदगी के बीच ओपनिंग स्लॉट को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इस पर शॉ का जवाब संतुलित रहा। उन्होंने कहा कि टीम में कौन ओपन करेगा, यह ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि जरूरी यह है कि जो भी खेले, वह टीम को मजबूत शुरुआत दिलाए। उनके अनुसार क्रिकेट में प्रतिस्पर्धा स्वाभाविक है और खिलाड़ी को हमेशा इसके लिए तैयार रहना चाहिए।
आत्मविश्वास बना सबसे बड़ा सहारा
शॉ ने यह भी स्वीकार किया कि कठिन समय में उनके परिवार का समर्थन उनके लिए बेहद अहम रहा है। उन्होंने खुद पर भरोसा बनाए रखा और यही उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहा। अब वह अपने प्रदर्शन के जरिए फिर से राष्ट्रीय टीम का दरवाजा खटखटाना चाहते हैं।



