NepalPM – बालेंद्र शाह ने मोदी को धन्यवाद, संबंध मजबूत करने पर जोर…
NepalPM – नेपाल के नए प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दी गई बधाई पर आभार व्यक्त किया है। उन्होंने दोनों देशों के बीच संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने की इच्छा जताई है। हाल ही में प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद शाह ने स्पष्ट किया कि भारत और नेपाल के बीच सहयोग को नई दिशा देने के लिए वह मिलकर काम करने के इच्छुक हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के संदेश पर जताया आभार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बालेंद्र शाह को नेपाल के प्रधानमंत्री बनने पर शुभकामनाएं दी थीं। इसके जवाब में नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से कहा गया कि भारत की ओर से मिले समर्थन और सकारात्मक संदेश का स्वागत है। बयान में यह भी कहा गया कि दोनों देशों के लोगों के हित में आपसी सहयोग को और मजबूत किया जाएगा। शाह ने यह संकेत दिया कि द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की उम्मीद
नेपाल सरकार की ओर से जारी प्रतिक्रिया में कहा गया कि भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध लंबे समय से मजबूत रहे हैं। अब नई सरकार इन संबंधों को और आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। दोनों देशों के बीच व्यापार, संपर्क और विकास से जुड़े मुद्दों पर मिलकर काम करने की बात भी सामने आई है।
सोशल मीडिया पर भी साझा हुआ संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी बालेंद्र शाह को बधाई देते हुए उनके नेतृत्व की सराहना की थी। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि शाह की नियुक्ति नेपाल की जनता के भरोसे को दर्शाती है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भारत-नेपाल संबंधों को नई ऊंचाई तक ले जाने के लिए वह उनके साथ काम करने के लिए तैयार हैं। यह संदेश दोनों देशों के बीच सकारात्मक कूटनीतिक माहौल को दर्शाता है।
शपथ ग्रहण समारोह में दिखी परंपरा की झलक
बालेंद्र शाह ने शुक्रवार को राष्ट्रपति के समक्ष प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। यह समारोह पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार आयोजित किया गया, जिसमें वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सात शंख भी बजाए गए। इस तरह का आयोजन नेपाल की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है और इसे एक विशेष पहल के रूप में देखा जा रहा है।
युवा नेतृत्व और बदलाव की नई उम्मीद
बालेंद्र शाह को नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री के रूप में भी देखा जा रहा है। वह मधेसी समुदाय से आने वाले पहले नेता हैं, जिन्होंने इस पद तक पहुंच बनाई है। हाल के चुनावों में बड़ी संख्या में युवा प्रतिनिधियों का चुना जाना नेपाल की राजनीति में बदलाव का संकेत माना जा रहा है। इससे उम्मीद की जा रही है कि देश में नई सोच और नई नीतियों को बढ़ावा मिलेगा


