PoliceReform – अब क्यूआर सिस्टम से चौकियों पर शुरू होगी शिकायतों की निगरानी
PoliceReform – पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने और आम लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लेने के उद्देश्य से एक नई पहल शुरू की गई है। अब पुलिस चौकियों पर आने वाली शिकायतों को न तो नजरअंदाज किया जा सकेगा और न ही उन्हें दबाया जा सकेगा। इसके लिए एक डिजिटल सिस्टम लागू किया गया है, जिसके तहत हर शिकायत का रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज होगा और उसकी निगरानी उच्च अधिकारी भी कर सकेंगे। फिलहाल इसे परीक्षण के तौर पर दो सप्ताह के लिए लागू किया गया है।

शिकायतों का डिजिटल रिकॉर्ड रखने की शुरुआत
अक्सर यह देखने में आया है कि पुलिस चौकियों पर आने वाली चोरी या छिनैती जैसी शिकायतों को सही तरीके से दर्ज नहीं किया जाता था, जिससे बाद में विवाद की स्थिति बनती थी। इस समस्या को देखते हुए अब एक ऑनलाइन पोर्टल के जरिए सभी शिकायतों का हिसाब रखने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए एक निजी कंपनी ने विशेष प्लेटफॉर्म तैयार किया है। नगर और देहात कोतवाली सहित सभी चौकियों पर क्यूआर कोड लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से शिकायत दर्ज की जा सकेगी।
अधिकारियों की सीधी निगरानी में रहेगा पूरा सिस्टम
नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी शिकायत पर कार्रवाई की जिम्मेदारी सिर्फ चौकी तक सीमित नहीं रहेगी। संबंधित थाने के एसओ के साथ-साथ सीओ और एसपी स्तर के अधिकारी भी इस पर नजर रखेंगे। इससे शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता आएगी और लापरवाही की गुंजाइश कम होगी। अधिकारियों का मानना है कि यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा तो इसे पूरे जिले में लागू किया जाएगा।
फरियादियों को नहीं लगाने पड़ेंगे बार-बार चक्कर
इस नई प्रणाली का एक बड़ा फायदा यह है कि शिकायतकर्ता को बार-बार पुलिस चौकी या थाने के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। क्यूआर कोड स्कैन कर शिकायत दर्ज करने के बाद यदि मामला सही पाया जाता है तो आगे की कार्रवाई स्वतः शुरू हो जाएगी। जरूरत पड़ने पर एफआईआर दर्ज कर दी जाएगी और इसकी सूचना भी आवेदक को दी जाएगी। इससे समय की बचत होगी और प्रक्रिया अधिक सरल बनेगी।
स्कैन करते ही खुलेगा एप, मिलेगी हर अपडेट
क्यूआर कोड स्कैन करते ही एक एप्लिकेशन खुल जाएगी, जिसमें शिकायतकर्ता को अपना मोबाइल नंबर, आधार से जुड़ी जानकारी और प्रार्थना पत्र अपलोड करना होगा। शिकायत दर्ज होते ही संबंधित व्यक्ति को एक संदेश प्राप्त होगा। इसके बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई करना पुलिस के लिए अनिवार्य होगा। इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी भी शिकायतकर्ता को मिलती रहेगी, जिससे उसे अपने मामले की स्थिति का स्पष्ट अंदाजा रहेगा।
ट्रायल के बाद पूरे जिले में लागू करने की तैयारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह व्यवस्था फिलहाल परीक्षण चरण में है और दो सप्ताह तक इसके परिणामों का मूल्यांकन किया जाएगा। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो इसे जिले के सभी थानों और चौकियों में लागू किया जाएगा। इस पहल से न केवल शिकायतों के निस्तारण में तेजी आएगी, बल्कि पुलिस और जनता के बीच भरोसा भी मजबूत होने की उम्मीद है।



