CharDhamYatra – चारधाम यात्रा के लिए ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव लागू
CharDhamYatra – उत्तराखंड में इस साल चारधाम यात्रा को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने ट्रैफिक प्रबंधन में अहम बदलाव करने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के तहत दिन और रात के समय वाहनों की आवाजाही को अलग-अलग तरीके से नियंत्रित किया जाएगा। इसका उद्देश्य तीर्थयात्रियों को जाम से राहत देना और यात्रा को सुचारु बनाना है।

दिन में श्रद्धालु, रात में चलेंगे भारी वाहन
परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने जानकारी दी कि चारधाम मार्ग पर दिन के समय केवल तीर्थयात्रियों के वाहन ही चलेंगे। मालवाहक और भारी वाहनों को दिन में प्रवेश नहीं मिलेगा। ऐसे वाहन रात नौ बजे के बाद ही इस मार्ग पर चल सकेंगे। वहीं तीर्थयात्रियों के लिए सुबह से रात तक यात्रा की अनुमति रहेगी, जिससे वे बिना बाधा अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।
यात्रा के समय निर्धारण की तैयारी
सरकार यात्रा को और सुव्यवस्थित बनाने के लिए समय निर्धारण पर भी काम कर रही है। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भीड़ नियंत्रित रहे और यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। अधिकारियों का मानना है कि तय समय के भीतर यात्रा संचालन से ट्रैफिक दबाव कम होगा और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होगी।
ग्रीन कार्ड व्यवस्था की शुरुआत
चारधाम यात्रा से जुड़े वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड प्रणाली भी लागू कर दी गई है। हरिद्वार में इस प्रक्रिया की शुरुआत के साथ ही पहले दिन 11 व्यावसायिक यात्री वाहनों को ग्रीन कार्ड जारी किए गए। यह कार्ड उन्हीं वाहनों को मिलेगा, जो तकनीकी जांच और फिटनेस मानकों पर खरे उतरेंगे।
अलग-अलग स्थानों पर बनाए जाएंगे काउंटर
यात्रा के दौरान वाहनों को समय पर ग्रीन कार्ड मिल सके, इसके लिए विभिन्न स्थानों पर नए काउंटर स्थापित किए जाने की योजना है। इससे वाहन मालिकों को लंबी कतारों से राहत मिलेगी और प्रक्रिया तेज होगी। परिवहन विभाग इस व्यवस्था को और सरल बनाने पर काम कर रहा है।
ऋषिकेश में भी शुरू हुआ ग्रीन कार्ड जारी करना
ऋषिकेश में भी सोमवार से ग्रीन कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पहले ही दिन 40 व्यावसायिक वाहनों को कार्ड जारी किए गए। इनमें बस, टैक्सी और मैक्सी कैब शामिल हैं। पिछले साल की तुलना में इस बार शुरुआत में ही अधिक संख्या में ग्रीन कार्ड जारी होना यात्रा की तैयारी को दर्शाता है।
फिटनेस जांच के बाद ही मिलेगा अनुमति पत्र
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ग्रीन कार्ड जारी करने से पहले वाहनों के सभी दस्तावेज और तकनीकी स्थिति की जांच की जाती है। केवल उन्हीं वाहनों को यात्रा की अनुमति दी जाएगी जो पूरी तरह सुरक्षित पाए जाएंगे। इससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।



