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Heatwave – अप्रैल से जून तक कई राज्यों में बढ़ेगी लू की तीव्रता

Heatwave – भारतीय मौसम विभाग ने आने वाले महीनों को लेकर अहम संकेत दिए हैं। विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, अप्रैल से जून के बीच देश के कई हिस्सों में गर्मी का असर सामान्य से ज्यादा तेज रहने की आशंका है। खासकर पूर्वी, मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत के साथ-साथ दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीपीय इलाकों में लू के दिनों की संख्या बढ़ सकती है। यह स्थिति लोगों के दैनिक जीवन और स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है।

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किन क्षेत्रों में ज्यादा पड़ेगा गर्मी का असर
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के अधिकांश हिस्सों के साथ मध्य भारत के कुछ इलाकों में तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है। इसके अलावा, उत्तर-पश्चिमी भारत और दक्षिणी प्रायद्वीप के कुछ क्षेत्रों में भी गर्मी का असर ज्यादा महसूस किया जा सकता है।
हालांकि, सभी क्षेत्रों में स्थिति एक जैसी नहीं रहेगी। कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य या उससे थोड़ा कम भी रह सकता है, जिससे स्थानीय स्तर पर राहत मिल सकती है। लेकिन कुल मिलाकर गर्मी का रुझान अधिक तीव्र रहने का अनुमान जताया गया है।

रात के तापमान में भी बढ़ोतरी के संकेत
IMD ने यह भी बताया है कि गर्मियों के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रह सकता है। इसका मतलब है कि रात के समय भी अपेक्षित ठंडक नहीं मिलेगी, जिससे लोगों को लगातार गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
हालांकि महाराष्ट्र और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में रात का तापमान सामान्य या उससे कम रहने की संभावना जताई गई है, जो वहां के लोगों के लिए कुछ राहत ला सकता है।

अप्रैल महीने का अलग रुख
अप्रैल के महीने को लेकर तस्वीर थोड़ी अलग नजर आती है। विभाग का कहना है कि इस महीने देश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य या सामान्य से कम रह सकता है। इसके बावजूद, कुछ क्षेत्रों में गर्मी का असर बना रहेगा, खासकर उन इलाकों में जहां पहले से तापमान बढ़ने के संकेत हैं।
इस दौरान दक्षिणी प्रायद्वीप के कुछ हिस्सों में रात का तापमान सामान्य स्तर पर रहने की उम्मीद है, जिससे वहां मौसम अपेक्षाकृत संतुलित रह सकता है।

बारिश को लेकर क्या है अनुमान
मौसम विभाग ने वर्षा को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी है। अप्रैल 2026 के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है। यह स्थिति मार्च की तरह ही बनी रह सकती है, जब कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई थी।
हालांकि उत्तर-पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है। इसके उलट, देश के बाकी हिस्सों में अच्छी वर्षा होने की संभावना है, जो बढ़ती गर्मी के बीच कुछ राहत दे सकती है।

गर्मी और मौसम के बदलते रुझान का असर
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती गर्मी और लू के दिनों में इजाफा स्वास्थ्य और जल संसाधनों पर दबाव बढ़ा सकता है। लगातार ऊंचे तापमान से बिजली की मांग भी बढ़ सकती है, जिससे आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।
ऐसे में लोगों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखें और आवश्यक सावधानियां बरतें। आने वाले महीनों में मौसम के उतार-चढ़ाव के बीच सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव हो सकता है।

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